इन महाविद्यालयों को जारी किया गया पत्र
उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक की ओर से डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून, डीबीएस पीजी कॉलेज देहरादून, डीडब्ल्यूटी कॉलेज देहरादून, एमकेपी पीजी कॉलेज देहरादून, श्री गुरु राम राय पीजी कॉलेज देहरादून, एमपीजी कॉलेज मसूरी, बीएसएम पीजी कॉलेज रुड़की, महिला महाविद्यालय सतीकुंड कनखल हरिद्वार, चिन्मय डिग्री कॉलेज हरिद्वार और राठ महाविद्यालय पैठाणी पौड़ी गढ़वाल के प्राचार्य को मेल के जरिए पत्र भेजा गया है।
सरकार अशासकीय महाविद्यालयों के साथ भेदभाव और सौतेला व्यवहार कर रही है। संबद्धता के साथ अन्य बिंदुओं पर अशासकीय महाविद्यालयों का मामला हाईकोर्ट में लंबित है। ऐसे में इस तरह का आदेश जारी करना नियमों के विरुद्ध है। रही बात इन महाविद्यालयों के शिक्षकों के वेतन की तो सरकार की ओर से इस साल वेतन का सिर्फ 50 फीसदी ही बजट स्वीकृत किया गया है। यही वजह है कि शिक्षक और कर्मचारियों का वेतन दो-तीन महीने की देरी से मिल रहा है। - डॉ. प्रशांत सिंह, पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ
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राज्य विवि से अशासकीय महाविद्यालयों की संबद्धता के संबंध में शासन से पत्र मिला था। पत्र के आधार पर ही प्रदेश के 10 अशासकीय महाविद्यालयों को राज्य विवि से संबद्ध करने के लिए पत्र भेजा गया है। 31 मई तक इन महाविद्यालयों को राज्य विवि से संबद्धता लेना है। - प्रो. सीडी सूंठा, निदेशक, उच्च शिक्षा