-विश्वविद्यालय स्तर से संचालित होंगी प्रवेश परीक्षा सहित अन्य गतिविधियां
-विभागीय मंत्री डॉ. रावत के निर्देश पर शासन ने की त्वरित कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उच्च शिक्षा के एकीकृत समर्थ पोर्टल के संचालन का अधिकार राज्य विश्वविद्यालयों (कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि, टिहरी तथा सोबन सिंह जीना विवि अल्मोड़ा) को सौंप दिया गया है। अब राज्य विवि संबद्ध राजकीय महाविद्यालयों एवं विवि परिसरों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश एवं परीक्षा से लेकर विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियां अपने स्तर से संचालित कर सकेंगे। इस संबंध में शासन ने आदेश जारी कर दिया है।
अभी तक समर्थ पोर्टल का संचालन शासन स्तर पर राज्य समर्थ टीम (एनईपी-पीएमयू) के माध्यम से किया जा रहा था। अब शासन स्तर से जारी आदेश के तहत सभी राज्य विश्वविद्यालय के समर्थ पोर्टल के सभी मॉड्यूल के संचालन के लिए समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। पोर्टल संबंधी संचालन की सारी जिम्मेदारी संबंधित विश्वविद्यालय के कुलपति व कुलसचिव की होगी, जो किसी भी प्रकार से अन्य को हस्तगत नहीं की जाएगी। हर माह पोर्टल की समीक्षा की जाएगी जिसकी रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी। छात्र-छात्राओं के प्रवेश के लिए पोर्टल खोलने से पहले विश्वविद्यालय सात दिन पहले इसकी सूचना अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने के साथ ही इसका प्रचार-प्रसार भी करेंगे।
उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में समर्थ पोर्टल का ही प्रयोग किया जाएगा। विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में पूर्व से संचालित समस्त ईआरपी/पोर्टल का डाटा 31 मार्च 2026 तक समर्थ पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाएगा। इसके बाद समर्थ पोर्टल के अतिरिक्त किसी भी दशा में कोई भी ईआरपी/पोर्टल का संचालन नहीं किया जाएगा और न ही इस संबंध में कोई भुगतान किया जाएगा।
मई-2026 से कार्य परिषद से मंजूर कराना होगा
राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों को अपना अकादमिक कैलेंडर तैयार कर उसे 31 मई 2026 तक अपनी कार्यपरिषद से अनिवार्य रूप से अनुमोदित कराना होगा, इसके बाद ही आगामी सत्र के प्रवेश, परीक्षा अन्य प्रक्रियाएं हो सकेंगी। प्रत्येक सेमेस्टर में प्रवेश के बाद छात्र-छात्राओं की कक्षाओं का संचालन 90 दिवस व 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएगी, जिसका डाटा समर्थ पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। जबकि निजी विवि में समर्थ मॉड्यूल लागू होने तक छात्रों की उपस्थिति संबंधित ईआरपी पर अपलोड की जाएगी, जिसकी जानकारी शासन को उपलब्ध कराई जाएगी। छात्रों की उपस्थिति व कक्षाओं के संचालन मानक पूरा न होने की स्थिति में छात्रों को किसी भी दशा में परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
-
समर्थ पोर्टल के संचालन का अधिकार राज्य विश्वविद्यालयों को दे दिया गया है। जिसका लाभ छात्र-छात्राओं को मिलेगा। इसके अलावा उच्च शिक्षण संस्थानों में एकेडमिक कैलेंडर लागू कर प्रत्येक सेमेस्टर में छात्र-छात्राओं की 75 फीसदी उपस्थिति व 90 दिवस कक्षाओं का संचालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जायेगा। जिसका रिकार्ड समर्थ पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा
डॉ. धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री