फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खेल महाकुंभ के बाद अब 'स्टेट ओलंपिक गेम्स' में भी पिछड़ना तय, जानिए क्या है वजह

Wed, 27 Dec 2017 09:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
trivendra singh rawat
विज्ञापन
प्रदेश में चार से सात जनवरी तक प्रस्तावित स्टेट ओलंपिक गेम्स तय समय पर नहीं होंगे। राज्य में पहली बार आयोजित हो रहे खेल महाकुंभ के पिछड़ने के कारण स्टेट ओलंपिक का पिछड़ना भी तय माना जा रहा है। अब स्टेट ओलंपिक के फरवरी माह में आयोजित होने की संभावना जताई जा रही है।
विज्ञापन


स्टेट ओलंपिक गेम्स के आयोजन के लिए चार से सात जनवरी 2018 की तिथि तय की गई थी। हालांकि पिछले माह खेल महाकुंभ की तिथियां पिछड़ने के बाद अब इसमें बदलाव की संभावना है। इस वर्ष राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में खेल महाकुंभ की शुरूआत की गई।

इसके तहत न्याय पंचायत, ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित होनी थी। इसमें चुने जाने वाले खिलाड़ियों को भविष्य के लिए तैयार करने को अलग से तैयारी करवाने का दावा भी किया गया।
विज्ञापन

 
विज्ञापन

trivendra singh rawat
न्याय पंचायत स्तर पर नौ से 13 नवंबर, ब्लॉक स्तर पर 14 से 20 नवंबर और जिला स्तर पर 24 नवंबर से चार दिसंबर तक प्रतियोगिताएं संपन्न भी हो गई। लेकिन सात से 13 दिसंबर तक प्रस्तावित राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं अब तक आयोजित नहीं हुई।

कुछ दिन पहले विभाग के प्रस्ताव पर शासन ने तीन जनवरी से तीन फरवरी तक की तिथि तय की है। ऐसे में खेल महाकुंभ और स्टेट ओलंपिक की तिथियों में टकराव होगा। इसको देखते हुए उत्तराखंड ओलंपिक संघ अपने कार्यक्रम में बदलाव करने जा रहा है। संभावना जताई जा रही है कि खेल महाकुंभ के समाप्त होने के बाद यह खेल होंगे।

दोनों प्रतियोगिताएं एक साथ होने से खिलाड़ियों का नुकसान होगा। संघ अपने कार्यक्रम में बदलाव करने पर विचार कर रहा है ताकि खिलाड़ियों को दोनों प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का मौका मिल सके।
डा. डीके सिंह, महासचिव, उत्तराखंड ओलंपिक संघ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें