वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली के लिए तय की गई टैक्स दरों से मनोरंजन कर आधा लगेगा। इससे आम लोगों के लिए सिनेमा और अन्य मनोरंजन से संबंधित सेवाएं सस्ती हो जाएंगी, लेकिन मनोरंजन कर से प्राप्त होने वाले राजस्व से सरकार के खजाने पर असर पड़ेगा। राज्य सरकार को मनोरंजन कर से सालाना करीब 38 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है।
एक जुलाई से लागू होने वाले जीएसटी प्रणाली के लिए काउंसिल ने कई वस्तुओं पर टैक्स दरें निर्धारित कर दी है। इसी के मुताबिक वस्तुओं पर देश भर में एक ही टैक्स लगेगा। मनोरंजन को 28 प्रतिशत टैक्स के दायरे में लाया गया है।
वर्तमान समय में 40 प्रतिशत मनोरंजन कर के अलावा 15 प्रतिशत सर्विस टैक्स वसूला जाता है। राजस्व बढ़ाने के लिए हर प्रदेश में मनोरंजन कर राज्य सरकार ही निर्धारित करती है। सर्विस टैक्स केंद्र सरकार के खजाने में जमा होता है। जीएसटी लागू होने के बाद देश भर में मनोरंजन पर 28 प्रतिशत टैक्स ही वसूला जाएगा।
इसमें राज्य अपने स्तर पर टैक्स दरों में किसी प्रकार का बदलाव नहीं कर सकते हैं। मनोरंजन कर उपायुक्त चंदन सिंह ने बताया कि जीएसटी में मनोरंजन कर 28 प्रतिशत निर्धारित किया गया। इसी के हिसाब से अब पूरे प्रदेश में मनोरंजन कर लिया जाएगा।