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अभिभावकों को एक बड़ी राहत देने जा रही है सरकार, हो गया है तय

Sat, 24 Feb 2018 03:28 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

उत्तराखंड के उन अभिभावकों को प्रदेश सरकार बड़ी राहत देने जा रही है, जिनके बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं।
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विस्तार
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उत्तराखंड के उन अभिभावकों को प्रदेश सरकार बड़ी राहत देने जा रही है, जिनके बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं।  निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है।

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लागू होगा प्राइवेट स्कूल एक्ट
विद्यालयी शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने बताया कि इसी नए शैक्षिक सत्र से प्राइवेट स्कूल एक्ट लागू कर दिया जाएगा। इसके तहत अलग-अलग कक्षाओं के फीस स्लैब घोषित किए जाएंगे। प्राइवेट स्कूल फीस एक्ट की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है।

 निजी स्कूलों की मनमानी पर कसेगा शिकंजा
उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में किसी की भी मनमानी नहीं चलेगी। जो स्थिति सोशल मीडिया पर बताई जाती है, वह ठीक नहीं है, उसे रोकने के लिए एक्ट प्रभावी अंकुश के रूप में काम करेगा।
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उन्होंने बताया कि डे-बोर्डिंग स्कूलों पर जहां अधिक फीस देकर लोग खुद बच्चों को भेजते हैं, वहां इस एक्ट को लागू नहीं किया जाएगा। जिन लोगों को अधिक फीस देने में दिक्कत नहीं है, वे फीस दें। लेकिन, आमजन जो बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ाना चाहता है और उसके पास इतना अधिक पैसा नहीं है, उसके लिए एक्ट के तहत व्यवस्था की जा रही है।

नहीं चलने दी जाएगी अंधेरगर्दी
अंधेरगर्दी के चक्कर में आमजन को प्रभवित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक्ट लागू होने के बाद शिक्षा के क्षेत्र में माफियागीरी पर भी लगाम कसेगी। उन्होंने बताया कि निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए एक्ट लाना उनकी सरकार का बड़ा काम है।

इसलिए पड़ी एक्ट की जरूरत
निजी स्कूलों की मनमानी के चक्कर में राज्य में प्राइवेट स्कूल फीस एक्ट की जरूरत पड़ी है। यह तय नहीं था कि कौन-सा स्कूल, कितना पैसा लेगा। इसके साथ ही अभिभावकों को डोनेशन देने के लिए मजबूर किया जाता है। निजी स्कूल मनमर्जी से कक्षाओं की फीस तय कर देते हैं। इसके अलावा भी विभिन्न मदों में बच्चों से पैसा वसूल किया जाता है। हर साल किताबों में बदलाव किया जाता है। मनचाहे दुकानदार के यहां से बच्चों से पुस्तकें खरीदवाई जाती हैं। निजी स्कूल जब चाहते हैं फीस का प्रतिशत बढ़ाते हैं। एक्स्ट्रा एक्टिवटी के नाम पर अतिरिक्त फीस ली जाती है।
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