पर्यटन और स्थानीय उत्पादों को मिल रही नई पहचान
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखंड के प्रति विशेष स्नेह और देवभूमि की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने की प्रेरणा प्रदेश के विकास और पर्यटन को नई दिशा दे रही है। 'वोकल फॉर लोकल, लोकल टू ग्लोबल' के मंत्र के माध्यम से स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और लोककलाओं को व्यापक पहचान दिलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के साथ शीतकालीन यात्रा, साहसिक पर्यटन, योग, आयुर्वेद और आरोग्य पर्यटन को प्रोत्साहित कर वर्षभर पर्यटन की संभावनाओं का विस्तार किया जा रहा है। इससे पर्यटन गतिविधियों में विविधता लाने और उत्तराखंड को सालभर आकर्षक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
खेल, शिक्षा और राष्ट्रीय आयोजनों में उपलब्धियां
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड ने पूर्ण साक्षरता का लक्ष्य हासिल कर गौरव बढ़ाया है। 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन और प्रदेश के खिलाड़ियों द्वारा 100 से अधिक पदक अर्जित करना भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जी-20 की बैठकों, वैश्विक निवेशक सम्मेलन, विश्व आयुर्वेद कांग्रेस और विश्व आपदा प्रबंधन शिखर सम्मेलन जैसे आयोजनों ने राज्य को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।
किसानों की आय बढ़ाने पर दिया जोर
कृषि एवं बागवानी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती, मिलेट्स, औषधीय एवं सगंध खेती तथा स्थानीय कृषि उत्पादों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण और बेहतर विपणन व्यवस्था के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्त उत्तराखंड का आह्वान
राज्यपाल ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए प्रदेशवासियों से अपने घरों, गांवों, नगरों, सार्वजनिक स्थलों, नदियों और जलस्रोतों को स्वच्छ रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हिमालय, वन, नदियां और जलस्रोत उत्तराखंड की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं। इनका संरक्षण भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए आवश्यक है।
युवाओं से विशेष अपील करते हुए उन्होंने कहा कि वे नशे से दूर रहें और अपने मित्रों एवं आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करें। खेल, शिक्षा, योग, रचनात्मक गतिविधियों और कौशल विकास से जुड़कर अपनी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करें। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त उत्तराखंड बनाने का संकल्प लेने की अपील की।