सातवें वेतन आयोग पर मुख्यमंत्री हरीश रावत से मिले आश्वासन के बाद राज्य निगमकर्मियों ने आंदोलन स्थगित कर दिया।
यह जानकारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के मुख्य संयोजक संतोष रावत ने दी। सातवें वेतन आयोग की मांग पर राज्य के निगम, निकाय, जल संस्थान, जिला पंचायत और प्राधिकरण कर्मियों ने संयुक्त मोर्चा गठित कर 19 दिसंबर से आंदोलन शुरू किया था। इसी क्रम में 26 दिसंबर को पूरे प्रदेश में कार्य बहिष्कार प्रस्तावित था।
रविवार को परेड ग्राउंड स्थित संघ भवन में पत्रकारों से बातचीत में मोर्चा के मुख्य संयोजक संतोष रावत ने कहा कि देर रात प्रतिनिधिमंडल की सीएम हरीश रावत से इस बारे में वार्ता हुई। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि निगमों को सातवें वेतन आयोग का लाभ देने के लिए सार्वजनिक उद्यम ब्यूरो उत्तराखंड शासन को अधिकृत किया जाएगा।
निकायों, जल संस्थान, प्राधिकरणों, जिला पंचायत कर्मियों के लिए संबंधित सचिवों को भी निर्देशित किया जाए। इसके लिए सचिव वित्त अमित नेगी को अधिकृत किया गया है। ताकि आचार संहिता से पूर्व निगमकर्मियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ मिल सके।
इसके बाद रविवार को मोर्चा पदाधिकारियों ने आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया है। प्रेस कांफ्रेंस में संयुक्त मोर्चा के रवि पचौरी, गिरीश चंद्र जोशी, गजेंद्र कपिल, रमेश बिंजोला, एके चतुर्वेदी, प्रवीन सिंह, सूर्य प्रकाश रणकोटी, टीएस पंवार आदि मौजूद रहे।