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देश में उच्चतम तकनीक का पहला प्रशिक्षण केंद्र होगा उत्तराखंड में, 185 करोड़ आएगा खर्च

Thu, 27 Dec 2018 08:23 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal राकेश शर्मा , अमर उजाला, देहरादून
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एसडीआरएफ - फोटो : amar ujala
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एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रबंधन बल) का प्रशिक्षण केंद्र 185 करोड़ की लागत से बनकर तैयार होगा। यह देश का पहला ट्रेनिंग होगा, जिसमें अत्याधुनिक तकनीक  इस्तेमाल होगी। तीन चरणों में तैयार होने वाले सेंटर का काम जनवरी के अंतिम सप्ताह में शुरू होने की उम्मीद है। पहले चरण में करीब 79 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। 

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केदार घाटी में 2013 में आई आपदा के बाद गठित एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रबंधन बल) ने पांच साल में अपनी एक अगल ही अलग पहचान बनाई है। चारधाम यात्रा के अलावा आपदा प्रबंधन, जंगलों में आग और बड़े हादसाें में इस बल की अहम् भूमिका रही है। एसडीआरएफ देश का पहला ऐसा राज्य पुलिस संगठन बना है, जिसने माउंट एवरेस्ट पर अपना परचम लहराया है। प्रदेश में सात कंपनी गठन की कार्ययोजना है। अब तक चार कंपनी अस्तित्व में आ चुकी हैं। कई सालों से एसडीआरएफ का हेड क्वार्टर जौलीग्रांट एयरपोर्ट के पास टेंट आदि में संचालित है। 

अब नए साल में एसडीआरएफ को अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर के साथ आलीशान हेड क्वार्टर की सौगात मिलने जा रही है। एसडीआरएफ के एसपी नवनीत भुल्लर के मुताबिक ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण 23 हेक्टेयर भूमि में होगा। यह देश का पहला उच्च तकनीक वाला ट्रेनिंग सेंटर होगा। इसमें थाईलैंड की तर्ज पर डीप वाटर रेस्क्यू पौंड (गहरे जल में बचाव कार्य के लिए तालाब) का निर्माण होगा। साथ ही 100 बिस्तर वाला अस्पताल भी होगा। यहां पर दो हेलीपैड भी बनाए जाएंगे, ताकि आपदा की स्थिति में घायलों को हैलीकाप्टर के माध्यम से अस्पताल में लाया जा सके। ट्रेनिंग सेंटर में आपदा प्रबंधन को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए अलग से व्यवस्था रहेगी।

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प्रशिक्षण केंद्र में रहेगा यह खास

-डीप वाटर रेस्क्यू पोंड (गहरे जल में बचाव कार्य के लिए तालाब) का निर्माण 
-सरफेस वाटर रेस्क्यू पोंड (कम जल स्तर में बचाव कार्य के लिए तालाब) का निर्माण 
-श्वान प्रशिक्षण एवं प्रजनन केन्द्र
-सड़क दुर्घटना एवं ड्राइविंग सिम्यूलेटर 
-कृत्रिम दीवार (चढ़ने के प्रशिक्षण के लिए)
-कमांडों अवरोधक (कमांडों ट्रेनिंग)
-पानी में तेज तरंग पैदा करने वाले उपकरण (तेज बहाव में बचाव कार्य के प्रशिक्षण के लिए)
-कृत्रिम नहर (नहरों में वाहन आदि के गिरने के बचाव कार्य प्रशिक्षण के लिए)
-100 बिस्तर वाला अस्पताल
-दो हेलीपैड
-बड़ी इंडोर प्रशिक्षण सुविधा
-दमकल प्रशिक्षण केंद्र
 
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हैलीपैड के मिलेंगे नए विकल्प

एसडीआरएफ के दो हैलीपैड बनने से वीआईपी के आने और जाने के नए विकल्प मिलेंगे। मुख्यमंत्री आदि को हैलीकाप्टर से जाने के लिए अब सेना और पुलिस लाइन के अस्थाई हैलीपैड का इस्तेमाल करना होता है। पिछले दिनो जीटीसी में सीएम का हैलीकाप्टर उतारने को लेकर विवाद भी हुआ था। हालांकि बाद में उसे सुलझा लिया गया था। 

जौलीग्रांट एयरपोर्ट के पास 23 हेक्टेयर भूमि में 185 करोड़ की लागत से एसडीआरएफ का ट्रेनिंग सेंटर और हेड क्वार्टर बनाया जाएगा। पहले चरण के लिए करीब 80 करोड़ की राशि अवमुक्त हो चुकी है। जनवरी के अंतिम सप्ताह से निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। शासन स्तर पर ट्रेंडर की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
-संजय गुंज्याल, पुलिस महानिरीक्षक, एसडीआरएफ
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