-डीप वाटर रेस्क्यू पोंड (गहरे जल में बचाव कार्य के लिए तालाब) का निर्माण
-सरफेस वाटर रेस्क्यू पोंड (कम जल स्तर में बचाव कार्य के लिए तालाब) का निर्माण
-श्वान प्रशिक्षण एवं प्रजनन केन्द्र
-सड़क दुर्घटना एवं ड्राइविंग सिम्यूलेटर
-कृत्रिम दीवार (चढ़ने के प्रशिक्षण के लिए)
-कमांडों अवरोधक (कमांडों ट्रेनिंग)
-पानी में तेज तरंग पैदा करने वाले उपकरण (तेज बहाव में बचाव कार्य के प्रशिक्षण के लिए)
-कृत्रिम नहर (नहरों में वाहन आदि के गिरने के बचाव कार्य प्रशिक्षण के लिए)
-100 बिस्तर वाला अस्पताल
-दो हेलीपैड
-बड़ी इंडोर प्रशिक्षण सुविधा
-दमकल प्रशिक्षण केंद्र
एसडीआरएफ के दो हैलीपैड बनने से वीआईपी के आने और जाने के नए विकल्प मिलेंगे। मुख्यमंत्री आदि को हैलीकाप्टर से जाने के लिए अब सेना और पुलिस लाइन के अस्थाई हैलीपैड का इस्तेमाल करना होता है। पिछले दिनो जीटीसी में सीएम का हैलीकाप्टर उतारने को लेकर विवाद भी हुआ था। हालांकि बाद में उसे सुलझा लिया गया था।
जौलीग्रांट एयरपोर्ट के पास 23 हेक्टेयर भूमि में 185 करोड़ की लागत से एसडीआरएफ का ट्रेनिंग सेंटर और हेड क्वार्टर बनाया जाएगा। पहले चरण के लिए करीब 80 करोड़ की राशि अवमुक्त हो चुकी है। जनवरी के अंतिम सप्ताह से निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। शासन स्तर पर ट्रेंडर की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
-संजय गुंज्याल, पुलिस महानिरीक्षक, एसडीआरएफ