लक्ष्मणझूला रोड स्थित भैरव मंदिर के पीछे एक राज्य आंदोलनकारी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत अवस्था में मिला। पुलिस ने जेब से मिले राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद परिचय पत्र से शव की शिनाख्त की है। पुलिस फिलहाल मामले में कुछ भी कहने से बच रही है। जांच अधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी।
बुधवार सुबह भैरव मंदिर के पीछे सड़क किनारे एक व्यक्ति के अचेतावस्था में पड़े होने की सूचना पर 108 सेवा ने उसे राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने बताया कि जिलाधिकारी के हस्ताक्षरयुक्त परिचय पत्र पर अजीत दास पुत्र गोपाल दास निवासी होटल प्रिंस माउंट, किताब घर, गांधी चौक, मसूरी लिखा हुआ था। जांच अधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि मृतक अजीत दास के शरीर पर किसी तरह की चोट का निशान नहीं है। बृहस्पतिवार को शव पोस्टमार्टम के लिए दून भेजा जाएगा।
छह साल पहले छोड़ चुका था मसूरी
पुलिस के मुताबिक छानबीन करने पर जानकारी मिली कि अजीत दास मसूरी में एक होटल में काम करता था। 2007-08 में वह होटल की नौकरी छोड़कर ऋषिकेश आ गया था। यहां लक्ष्मणझूला तपोवन में किसी होटल में कार्यरत था।
पत्नी से अलग रह रहा था
अजीत दास की चौदहबीघा, मुनिकीरेती में चीनी गोदाम के पास ससुराल है। सूचना पर थाने पहुंचे मृतक के साले सुरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि दीदी मसूरी में किसी कंपनी में जॉब करती है। अनबन के चलते जीजा (अजीत दास) पिछले दो तीन साल से आठ वर्षीय बेटे के साथ अलग रह रहे थे। दीदी की मनपसंद शादी के चलते घर पर आना जाना नहीं था। अजीत मूलत: कलकत्ता का है।