फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Startup Policy: स्कूली छात्रों को उद्यमी बनाएगी सरकार, नए आइडिया देने वाले को करेगी भी प्रोत्साहित

Mon, 28 Nov 2022 09:53 AM IST
रेनू सकलानी भूपेंद्र राणा, अमर उजाला, देहरादून

सार

अभी तक सिर्फ कॉलेज छात्रों को सरकार स्टार्टअप में मदद देती है, लेकिन अब स्कूली छात्रों को भी उद्यमी बनाने का निर्णय लिया गया है। स्टार्टअप के लिए सरकारी क्षेत्र में वेंचर फंड बनेगा। इससे नए उद्यमियों को निवेशक नहीं ढूंढने पड़ेंगे।
विज्ञापन
सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

10वीं से 12वीं तक के छात्र भी बिजनेस के नए आइडिया से उद्यमी बन सकेंगे। इसके लिए स्टार्टअप नीति में बदलाव किया जा रहा है। नई नीति के तहत सरकार स्कूली छात्रों को भी उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करेगी।

विज्ञापन

उत्तराखंड में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 2018 में स्टार्टअप नीति लागू की थी। इस नीति में तकनीकी शिक्षण संस्थानों के छात्रों को ही स्टार्टअप के लिए प्रोत्साहित करने पर फोकस है।

अब सरकार नए बिजनेस आइडिया के साथ सामने आने वाले स्कूली छात्रों को उद्यमी बनने में मदद करेगी। शासन स्तर पर नई नीति के प्रस्ताव का वित्त विभाग को प्रस्तुतिकरण दिया गया। आइडिया चयन के लिए जिला स्तर पर कमेटी बनाने का प्रावधान किया जा रहा है। स्टार्टअप में वित्तीय सहायता के लिए सरकारी क्षेत्र में वेंचर फंड बनाया जाएगा। इससे नए उद्यमियों को निवेशक नहीं ढूंढने पड़ेंगे। स्टार्टअप को सरकार की ओर से प्रति माह दिए जाने वाला भत्ता भी बढ़ाया जाएगा।
विज्ञापन


नहीं रहेगी कंपनी बनाने की अनिवार्यता
अभी तक स्टार्टअप के लिए छात्रों को सबसे पहले कंपनी का पंजीकरण करना होता है। इसके बाद ही बिजनेस आइडिया के आधार पर सरकार स्टार्टअप की मान्यता देती है। नई नीति में स्कूली छात्रों के लिए यह शर्त नहीं रहेगी। 

विज्ञापन

स्टार्टअप नीति-2018 
बिजनेस स्थापित करने के लिए स्टार्टअप को एक साल तक 10 हजार रुपये प्रति माह भत्ता दिया जाता है। एससी, एसटी, महिला, दिव्यांगों के  स्टार्टअप को ए श्रेणी के जनपदों में 15 हजार प्रति माह भत्ता मिलता है। स्टांप शुल्क में शत प्रतिशत छूट, उत्पाद का पेटेंट कराने के लिए एक से पांच लाख की वित्तीय सहायता, मार्केटिंग के लिए पांच से 7.50 लाख सहायता दी जाती है। इन्क्यूबेटर सेंटर के लिए पूंजीगत व्यय पर 50 प्रतिशत या अधिकतम एक करोड़ की वित्तीय सहायता मिलती है।

ये भी पढ़ें...Uttarkashi News: एसआईटी जांच में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि, जिला पंचायत अध्यक्ष पर दर्ज होगा मुकदमा

स्टार्टअप नीति के प्रस्ताव पर वित्त विभाग के साथ चर्चा हो चुकी है। जल्द ही नीति का प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा। नई नीति में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन बढ़ाया जा रहा है। स्कूली छात्रों के पास बिजनेस के लिए नया आइडिया है तो उन्हें स्टार्टअप के रूप में प्रोत्साहित किया जाएगा। -डॉ. पंकज कुमार पांडेय, सचिव उद्योग।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें