स्टार्टअप नीति-2018
बिजनेस स्थापित करने के लिए स्टार्टअप को एक साल तक 10 हजार रुपये प्रति माह भत्ता दिया जाता है। एससी, एसटी, महिला, दिव्यांगों के स्टार्टअप को ए श्रेणी के जनपदों में 15 हजार प्रति माह भत्ता मिलता है। स्टांप शुल्क में शत प्रतिशत छूट, उत्पाद का पेटेंट कराने के लिए एक से पांच लाख की वित्तीय सहायता, मार्केटिंग के लिए पांच से 7.50 लाख सहायता दी जाती है। इन्क्यूबेटर सेंटर के लिए पूंजीगत व्यय पर 50 प्रतिशत या अधिकतम एक करोड़ की वित्तीय सहायता मिलती है।
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स्टार्टअप नीति के प्रस्ताव पर वित्त विभाग के साथ चर्चा हो चुकी है। जल्द ही नीति का प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा। नई नीति में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन बढ़ाया जा रहा है। स्कूली छात्रों के पास बिजनेस के लिए नया आइडिया है तो उन्हें स्टार्टअप के रूप में प्रोत्साहित किया जाएगा।
-डॉ. पंकज कुमार पांडेय, सचिव उद्योग।