देहरादन। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में तैनात उपनलकर्मी को हटाए जाने से आक्रोशित उपनल कर्मचारी महासंघ ने शुक्रवार को चिकित्सा अधीक्षक और प्राचार्य का घेराव कर प्रदर्शन किया। इस दौरान अस्पताल पहुंचे मरीज करीब तीन घंटे तक इलाज के लिए भटकते रहे। महासंघ ने कर्मचारी को जल्द बहाल नहीं करने पर सामूहिक बहिष्कार की चेतावनी दी है।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष दीपक चौहान और प्रदेश महासचिव हेमंत सिंह रावत के नेतृत्व में कर्मचारी शुक्रवार को दून अस्पताल पहुंचे और एमएस डॉ. केके टम्टा का घेराव किया। कर्मचारियों ने कहा कि बृहस्पतिवार को ही उनके एक साथी कर्मचारी मोहम्मद अली को बिना किसी कारण बताए बाहर किया गया। मोहम्मद अली 13 साल से नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रहा था। प्रदेश अध्यक्ष दीपक चौहान ने कहा कि हाल ही में न्यायालय ने उपनल कर्मचारियों को नियमित करने के आदेश दिए हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों को निकाला जा रहा है। जो अत्यंत खेद का विषय है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी को बहाल नहीं किया गया तोे सामूहिक बहिष्कार किया जाएगा। डॉ. टम्टा के मामला उनके स्तर न होने की बात कहने पर कर्मचारी दून मेडिकल कॉलेज के टीचिंग सेक्शन में पहुंचे और प्राचार्य का घेराव किया। कर्मचारियों ने कहा है कि जल्द से जल्द अगर प्रभावित कर्मचारी की बहाली नहीं की जाती है तो छह अगस्त से आंदोलन किया जाएगा। प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने निदेशक चिकित्सा शिक्षा को इस बारे में अवगत कराने की बात कही। इसके बाद कर्मचारी आंदोलन की चेतावनी देकर चले गए। इस दौरान दीपक चौहान, हेमंत सिंह रावत, कुशाग्र जोशी, महेश भट्ट, दिनेश रावत, मोहम्मद अली, आशीष गोदियाल, रोहित वर्मा आदि कर्मचारी मौजूद रहे।