एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि यदि किसी ने परीक्षा में अनुचित संसाधन का प्रयोग किया है तो अपना पक्ष खुद जांच अधिकारियों के सामने रख दें। इससे उन्हें विधि सम्मत मदद मिलने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। यदि जांच में अभ्यर्थियों के नाम सामने आए तो उनके साथ भी आरोपियों जैसी प्रक्रिया ही अमल में लाई जाएगी। मदद भी कानून के हिसाब से ही की जाएगी।
पेपर लीक कराने वालों में हो सकते हैं हरियाणा-राजस्थान के गिरोह
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के दावे के मुताबिक फुलप्रूफ मानी जाने वाली स्नातक स्तरीय परीक्षा में सेंध लगाने वाले हरियाणा या राजस्थान के बड़े गिरोह हो सकते हैं। आयोग खुद इस बात का स्वीकार कर रहा है कि ऐसे संकेत मिले हैं। हालांकि, पुलिस की जांच में ही इससे पर्दा उठ सकेगा।
स्नातक स्तरीय परीक्षा में एसटीएफ ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अभी इसकी जांच चल रही है। इससे पहले आयोग ने पुलिस की मदद से अपने स्तर से एक जांच कराई थी। सूत्रों के मुताबिक, इस जांच में ऐसे संकेत मिले थे कि इस पेपर लीक में बड़े गिरोह का हाथ हो सकता है। शक की सुई राजस्थान में रीट जैसे पेपर लीक कराने वाले गिरोह या हरियाणा में भर्ती परीक्षाओं में सेंध लगाने वाले गिरोह की ओर है।
हालांकि, यह पुलिस की जांच में ही स्पष्ट हो पाएगा कि पेपर लीक का प्रकरण स्थानीय स्तर का है या दूसरे राज्यों के गिरोह इसमें शामिल हैं। आयोग के सचिव संतोष बडोनी का कहना है कि पेपर लीक में कुछ भी हो सकता है। पुलिस की जांच के बाद ही कुछ साफ हो पाएगा।