पिछले साल नवंबर में दून पुलिस की कमान संभालने के बाद एसएसपी केवल खुराना पहले ही दिन आधा घंटा जाम में फंस गए।
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जिसके बाद उन्होंने शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने का संकल्प लिया। जिसमें वह कुछ हद तक कामयाब रहे, लेकिन शहर को जाम से निजात नहीं दिला पाए।
यातायात में हुआ कुछ सुधार
हालांकि पलटन बाजार में वाहनों के घुसने पर प्रतिबंध लगाकर उन्होंने अच्छा प्रयास किया, जिसे सियासी कारणों से बंटाधार कर दिया गया। पद भार ग्रहण करने के बाद एसएसपी ने लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा करने को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया था।
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यह भी स्वीकारा था कि 20 प्रतिशत पुलिसकर्मी ही ईमानदारी से काम करते हैं। यदि शहर की पिछले चार-पांच माह की वारदातों को ही देखा जाए तो कहा जा सकता है कि अपराध बढ़ा है। कई हत्याएं हुईं जिनका आज तक खुलासा नहीं हो पाया। कई परीक्षाओं में मुन्नाभाई पकड़े गए, जिनके नेटवर्क का अतापता नहीं चला।
पुलिसकर्मियों पर अपराधी ने हमला कर दिया, पुलिस उसे पकड़ नहीं पाई है। जमीन की फर्जी लोगों ने फर्जी नाम से रजिस्टरी करा ली, जिसका आज तक कोई ओर छोर नहीं मिला। यही नहीं पुलिसकर्मी सोते और ड्यूटी से गायब मिल रहे हैं। शहर में अतिक्रमण, उल्टा-सीधा ट्रैफिक, वाहनों में ओवरलोडिंग और अवैध खनन जैसे कार्य धड़ल्ले से हो रहे हैं।
एसएसपी की दस उपलब्धियां
- शहरवासियों को जाम की समस्या से कुछ निजात दिलाई
- पलटन बाजार में यातायात व्यवस्था सुधारने पर पुरस्कार
- नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों पर शिकंजा कसा
- एक साल में चार करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ पकड़े गए
- महिलाओं, सीनियर सिटीजन व समस्याओं के लिए हेल्प लाइन
- शिकायत प्रकोष्ठ में आने वाली शिकायतों के निस्तारण में तेजी
- दून, ऋषिकेश और विकासनगर में चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे
- अच्छा काम करने वाले पुलिस कर्मचारियों को पुरस्कृत किया
- बेहतर रिजल्ट नहीं देने वाले कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई
- वीवीआईपी दौरे, आपदा में सफलतापूर्वक कार्य का निर्वहन
कप्तान की भविष्य की कार्ययोजना
एसएसपी केवल खुराना का कहना है कि यातायात को और सुचारू बनाना, विकासगनगर, मसूरी, ऋषिकेश में भी यातायात व्यवस्था सुधारना, अनसुलझे मामलों का जल्द खुलासा, अपराधों पर अंकुश, पब्लिक का पुलिस से कनेक्ट बढ़ाने के साथ पुलिस की कार्यक्षमता और मनोबल बढ़ाना उनकी आगे की कार्ययोजना में शामिल है।
कार्य करने में सियासी दबाव
एक साल के कार्यकाल में कई बार पुलिस को सियासी दबाव झेलना पड़ा। पलटन बाजार में वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने, कृषि मंत्री के आवास पर डिनर पार्टी में फायरिंग करने वाले खानपुर विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन जैसे मामलों में पुलिस को सियासी दबाव के चलत ठोस कानूनी कार्रवाई करने में पीछे हटना पड़ा।
क्या कहती है जनता
यातायात व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। लेकिन स्ट्रीट क्राइम पर अब भी अंकुश नहीं लग पाया है। पब्लिक से पुलिस का व्यवहार नहीं सुधरा।
- सुभाष आहूजा, होटल मालिक गांधी रोड
रात को कई चौक-चौराहों पर पुलिस नजर नहीं आती। पुलिस की यह प्रवृत्ति पिछले एक साल में नहीं सुधरी है। यातायात में सुधार हुआ है, लेकिन सुधार की काफी गुंजाइश है।
- बलराम, दुकानदार पटेलनगर
रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर प्रीपेड आटो व्यवस्था ठीक से लागू नहीं हो पाई। इसे सुधारने की जरूरत है। हालांकि यातायात में ठीक सुधार हुआ है।
- अजय डबराल, निरंजनपुर
अपराधियों पर पुलिस का खौफ खत्म हो रहा है। यातायात व्यवस्था में सुधार हुआ है। बाजारों में अतिक्रमण नहीं रुक पाया है।
- पंकज शाह, हाथीबड़कलां
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