देहरादून। 13 साल से अधर में लटकी श्रीनगर-काशीपुर 400 केवी की बिजली लाइन पर पर जल्द ही काम शुरू होगा। करीब 190 किमी की इस लाइन का काम अब दो चरणों में पूरा किया जाएगा। इसके लिए शासन के निर्देश पर पिटकुल ने अतिरिक्त अधिकारियों की नियुक्ति की है। सितंबर अंत तक कंपनियों को काम आवंटित करने की योजना है।
बता दें, 400 केवी केे श्रीनगर-काशीपुर लाइन निर्माण के लिए वर्ष 2006-07 में कवायद शुरू हुई थी। इसके बावजूद अभी तक एक पोल भी नहीं लग पाया है। जबकि सर्वे आदि कार्य में इस पर अभी तक लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। दरअसल लाइन बनाने के लिए मुंबई की एक कंपनी से सर्वे कराया गया था। इसमें 152.8 किलोमीटर की लाइन का प्रस्ताव बना था। लाइन निर्माण का टेंडर कोबरा कंपनी को मिला। कंपनी ने जब अपने स्तर से सर्वे कराया तो कंपनी की ओर से लाइन की लंबाई 190 किमी कर दी गई। इसमें से 25 किमी लंबी लाइन उत्तर प्रदेश की सीमा में बनाई गई थी। हालांकि केंद्रीय और उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के स्पष्ट निर्देश थे कि लाइन उत्तराखंड की सीमा में ही बनाई जानी है। अक्टूबर 2014 में कंपनी को काम शुरू करने के लिए 53 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया। लाइन निर्माण मार्च, 2017 तक हर हाल में पूरा होना था, लेकिन कंपनी एक पोल भी नहीं लगा सकी। इसके चलते विश्व बैंक ने पैसा वापस ले लिया। जांच हुई तो पिटकुल ने कोबरा कंपनी के 106 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जब्त कर ली और उससे टेंडर छीन लिया। अब योजना के लिए 12 सौ करोड़ रुपये प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिसे मंजूरी मिल चुकी है। टेंडर आदि का काम पूरा हो चुका है। सितंबर अंत तक लाइन निर्माण के लिए कार्य आवंटित कर दिया जाएगा। पिटकुल की ओर से 2020 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
लाइन निर्माण में अतिरिक्त कर्मचारियों की होगी तैनाती
इस लाइन का निर्माण जल्द पूरा करने के लिए शासन के निर्देश पर पिटकुल ने अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती की है। लाइन का निर्माण दो फेज में पूरा होगा। पहला फेज श्रीनगर-कोटद्वार, और दूसरा फेज कोटद्वार से रामपुरा तक होगा। दोनों फेज एक साथ शुरू होंगे।
आर्विट्रेशन में चल रहा है केश
लाइन का काम पूरा न होने पर पिटकुल की ओर से कोबरा कंपनी के 106 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जब्त कर ली थी। इसको लेकर कोबरा कंपनी आर्बिट्रेशन में चला गया। वर्तमान में केश आर्बिट्रेशन में चल रहा है। मामले में दोनों पक्षों के गवाही पूरी हो चुकी है। अब इसमें जल्द ही फैसला आने की उम्मीद है।
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लाइन निर्माण की कोशिश लंबे समय से हो रही थी। अब जल्द ही निर्माण का कार्य शुरू कर लिया जाएगा। लाइन के पूरा होने का लक्ष्य वर्ष 2020 तक रखा गया है। इस लाइन निर्माण से उपभोक्ताओं को काफी फायदा होगा।
-संदीप सिंघल, प्रबंध निदेशक, पिटकुल