दाखिले गलत तरीके से किए गए
इस पर कॉलेज प्रशासन ने 13 अप्रैल को प्रवेश परीक्षा करा दी। कॉलेज ने प्रवेश परीक्षा के लिए जो नोटिस जारी किया, उसमें स्पष्ट लिखा कि बीएड प्रथम वर्ष सत्र 2023-25 के सभी छात्रों को इस प्रवेश परीक्षा में शामिल होना है। यानी जो दाखिले गलत तरीके से किए गए थे, उन सभी को विवि ने प्रवेश परीक्षा की अनुमति देकर वैध करा दिया, जिससे विवि की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है।
विवि कुलसचिव केआर भट्ट ने इससे अनभिज्ञता जताई है। सवाल ये भी उठ रहा कि जिस कॉलेज ने दाखिलों का फर्जीवाड़ा किया, उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। सवाल ये भी है कि बिना प्रवेश परीक्षा दाखिल छात्रों को किस आधार पर प्रवेश के काबिल बना दिया गया।
छात्र भी लगा चुके हैं संगीन आरोप
करीब चार सप्ताह पहले आरसीपी कॉलेज में छात्रों ने धरना-प्रदर्शन किया था। उस वक्त कई बीफार्मा के छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन पर आरोप लगाया था कि उनसे बीएड की प्रवेश परीक्षा जबरन दिलवाई गई है। इन आरोपों पर भी विवि ने जांच या कार्रवाई की जरूरत नहीं समझी।
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आरसीपी में 12 जनवरी को जो प्रवेश हमारी निगरानी में हुई थी, उसके बजाए दूसरे छात्रों के दाखिलों की सूची मिली थी। इस आधार पर हमने प्रवेश परीक्षा रद्द कर दी थी। अब विवि कुलपति के निर्देश पर गठित समिति ने कॉलेज में दोबारा प्रवेश परीक्षा की अनुमति दी है। -डॉ. प्रो. वीपी श्रीवास्तव, परीक्षा नियंत्रक, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि