बीता साल पुलिस के दामन को भी दागदार कर गया। आईजी कार का इस्तेमाल कर करीब एक करोड़ की लूट में दरोगा समेत कई पुलिसकर्मियों को जेल जाना पड़ा था। दूसरा मामला एक अधिकारी का था, जिस पर अधिनस्थ कर्मचारी ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया था।
हालांकि अधिकारी के माफी मांगने पर महिला कर्मचारी ने अपने कदम पीछे हटा लिए थे। भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री संजय कुमार से जुड़ा मीटू प्रकरण पर इस साल की सुर्खियां रहा। तीन अगस्त को एसएसपी की कमान संभालने वाले अरुण मोहन जोशी को बदमाशों ने एक के बाद एक चुनौती थी, लेकिन उन्होंने हर घटना में शामिल बदमाशों को पकड़कर हिसाब बराबर किया।
लूट की वारदातें, जिनमें चुनौती बरकरार
13 फरवरी 2019 को वसंत विहार थाना क्षेत्र में शराब की दुकान के सेल्समैन के सिर पर लोहे की रॉड मारकर बदमाशों ने करीब तीन लाख रुपये छीन लिए थे। पुलिस ने उस वक्त दबिशों और संदिग्धों से पूछताछ के दावे किए, लेकिन घटना आज भी चुनौती है और 2020 की चुनौतियों में भी शामिल हो गईं।
मई 2019 में सरस्वती विहार क्षेत्र में महिला सराफ को आतंकित कर बदमाशों ने नकदी व सोना लूट लिया। पुलिस ने मोटरसाइकिल पर सवार बदमाशों के स्कैच तक जारी किए, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली। हालांकि, पुलिस जल्द खुलासा करने का दावा कर रही है।
- आईजी की कार इस्तेमाल कर लूट का मामला। कई पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी।
- अभिमन्यु क्रिकेट अकादमी के मालिक आरपी ईश्वरन के घर करोड़ों की डकैती।
- आरटीओ में तैनात एक अफसर के घर पर डकैती में एक करोड़ 38 लाख का कैश चर्चा का विषय रहा।
- पथरिया पीर का जहरीली शराब कांड। आठ लोगों की मौत जहरीली शराब पीने से हुई थी।
- मीटू प्रकरण में भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री संजय कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज।
- सहसपुर थाने की हवालात में यौन शोषण के आरोपी ने लगाई फांसी।
पुलिस ने हर घटना की चुनौती स्वीकार कर उसका अनावरण किया है। अभिमन्यु एकेडमी के मालिक और प्रेमनगर में सराफ के प्रतिष्ठान की डकैती का पर्दाफाश कर पुलिस ने अपनी पकड़ को भी साबित किया है, क्याेंकि दोनों घटनाओं में अपराधियों ने खूब दिमाग चलाया था। इनमें न तो मोबाइल का इस्तेमाल हुआ और हर कदम पर सीसीटीवी से बचने की कोशिश हुई।
- अरुण मोहन जोशी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक