बालिका वर्ग में ऊधमसिंह नगर की मीनू शर्मा, सुहानी, नितू, निकिता, बागेश्वर की पिंकी, संध्या नेगी, अल्मोड़ा की दीक्षा मेहरा, राधा अधिकारी, हिमानी, पूजा, हिमानी बिष्ट, नैनीताल की पूजा चौहान, उत्कर्षा पांडे, पूजा, सुनीता बिष्ट, चंपावत की पूजा गोस्वामी, ममता महर, पिथौरागढ़ की भावना कार्की, शोभा कोली, हेमलता, विमला बोरा, रुद्रप्रयाग की आस्था नौटियाल, एकता, चमोली की अनीषा, शालिनी, प्रीति रावत, रूपा, पौड़ी की अंकिता ध्यानी, सलोनी, ऋतु, प्रिया, बीना, सृष्टि बिष्ट, काजल, टिहरी की निकिता और रिंकी, ज्योति, किरन, काजल गुसाईं, उत्तरकाशी की निकिता, संजना, मनीषा, हरिद्वार की सोनिया, अंकिता, मनीषाऔर देहरादून की राधा, रिंकी बिंद व मंजू गुप्ता को स्कूटी के लिए चुना गया।
इस अवसर पर राजपुर विधायक खजान दास, सचिव डॉ. भूपिंदर कौर औलख, हीरो मोटोकॉर्प के सीआईओ एंड हेड विजय सेठी, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर विक्रम कासवेकर, अविरल क्लासेस के निदेशक डीके मिश्रा, युवा कल्याण के उप निदेशक अजय अग्रवाल, पीसी सती, सतीश कुमार सार्की, महिपाल रावत समेत अन्य मौजूद रहे।
शिक्षकों को पहननी होगी ड्रेस
कार्यक्रम में खेल व युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ ही विभागीय मंत्री अरविंद पांडेय भी ड्रेस कोड में पहुंचे। उन्होंने कहा कि पहली बार जीवन में उन्होंने कोट पहना है। आगे होने वाली प्रतियोगिताओं में भी यह परंपरा कायम रखने की कोशिश की जाएगी। शिक्षकों के ड्रेस कोड के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अगले सत्र से बदलाव दिखेगा। सब शिक्षक अगले सत्र में ड्रेस कोड में दिखेंगे।
साइकिल को लेकर रहा भ्रम
प्रतियोगिता के उपविजेताओं को साइकिल किसकी ओर से दी जा रही है, इसको लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही। खेल मंत्री अरविंद पांडेय और सचिव डॉ. भूपिंदर कौर औलख ने कहा कि कंपनी की ओर से सीएसआर फंड में स्कूटी के साथ ही साइकिल भी दी गई है। वहीं, युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों ने दावा किया कि विभाग ने अपने बजट से साइकिलें खरीदी हैं।