बड़े विमान की लैंडिंग के मद्देनजर पहले से ही व्यवस्थाएं दुरुस्त की गई थी। पूरा रनवे खाली रखा गया था। दूसरे विमानों की नियमित आवाजाही को भी बंद किया गया था। चीन सीमा से जुड़े प्रदेश में सेना की इस गतिविधि को सैन्य अभ्यास के तौर पर भी देखा जा रहा है।
हालांकि जौलीग्रांट एयरपोर्ट निदेशक विनोद शर्मा ने बताया कि यह सेना की सामान्य एक्सरसाइज है। लड़ाकू विमान हिंडन एयरबेस से आए थे और बिना लैंड हुए ही लौट गए। मालवाहक विमान सिरसा एयरबेस से आया।
70 टन वजन ले जा सकता है बोइंग सी-17 ग्लोबमास्टर
सेना का बोइंग सी-17 ग्लोबमास्टर दुनिया के विशाल मालवाहक विमानों में से एक है। यह कारगिल, लद्दाख व अन्य उत्तरी व उत्तर पूर्वी सीमाओं पर भी आसानी से लैंड कर सकता है। खास बात यह है कि लैंडिंग में परेशानी होने पर इस विमान को रिवर्स गियर भी दिया जा सकता है।
यह विमान एक बार में 70 टन तक वजन अपने साथ ले जा सकता है। इसके अलावा इसमें 150 से ज्यादा सेना के जवान एक बार में जा सकते हैं। इस विमान में तीन हेलीकॉप्टरों या दो ट्रकों को एयरलिफ्ट करने की ताकत है।