वह तो पुलिस कार्रवाई होने पर छुड़वा लेने की भी गारंटी दे रहा था। इस वीडियो के वायरल होने पर ज्वालापुर पुलिस में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ था। एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस तक भी यह वीडियो पहुंचा था।
उन्होंने वीडियो को गंभीरता से लेते हुए सिपाही जसवंत एवं राकेश को तुरंत लाइन हाजिर करने का निर्देश दिया। माना जा रहा है कि यह वीडियो कुछ समय पूर्व का है। लिहाजा तत्कालीन कोतवाली प्रभारी मनोज मैनवाल भी जांच के घेरे में आए हैं।
लिहाजा पूरे मामले की जांच एएसपी आयुष अग्रवाल को सौंपी गई है। एसएसपी का कहना है कि इस तरह के कृत्य को कभी भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच में पूरे मामले की तस्वीर साफ हो जाएगी।