जौनसार-बावर के 180 गांवों की स्वास्थ्य लाइफलाइन साहिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सिर्फ रेफरल सेंटर बनकर रह गया है। 30 बेड वाले इस अस्पताल में वर्ष 2012 से सर्जन, निश्चेतक, हड्डी रोग और स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ के पद खाली पड़े हैं। विशेषज्ञों के अभाव में मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा और उन्हें मजबूरी में विकासनगर या देहरादून की दौड़ लगानी पड़ रही है।
बता दें कि 2004 में अस्पताल को उच्चीकृत कर सीएचसी का दर्जा दिया गया था, जिसमें नौ विशेषज्ञ और दो ईएमओ के पद सृजित हैं। वर्तमान में हालात यह हैं कि एक सामान्य महिला चिकित्सक का भी यहां से स्थानांतरण कर दिया गया, जिससे महिलाओं की दिक्कतें और बढ़ गई हैं। साहिया नेवी की प्रधान बिंद्रा देवी, पूर्व प्रधान सुभाष भाटी, भीम दत्त वर्मा, रणवीर सिंह चौहान, रविंद्र पाल और रीता बिष्ट ने सरकार पर क्षेत्र की अनदेखी का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं हुई, तो वे आंदोलन करेंगे।
साहिया सीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के लिए शासन को सूची भेजी जा चुकी है। चिकित्सक उपलब्ध होते ही उन्हें अस्पताल में नियुक्त किया जाएगा। - डॉ. मनोज शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी।