मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने निर्देश दिये हैं कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) पर पलायन प्रभावित क्षेत्रों में विशेष ध्यान दिया जाए। राज्य रोजगार गारंटी परिषद् की बैठक में मुख्यमंत्री ने मनरेगा की मजदूरी दर को राज्य की प्रचलित मजदूरी दर के सापेक्ष किए जाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे जाने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए ट्रैंच बनाने को शामिल किया जाए। उन्होंने योजना के तहत विभिन्न मानकों जैसे आधार सीडिंग, जॉब कार्ड सत्यापन एवं जल शक्ति अभियान में विगत दो वर्षों से प्रथम रैंक प्राप्त करने पर बधाई दी। उन्होंने अधिकारियों को योजना के तहत जिलों के लिए निर्धारित लक्ष्यों को निर्धारित समय में पूर्ण करने को कहा।
पर्वतीय क्षेत्रों में मत्स्य पालन एवं अन्य विभागों से मनरेगा का तालमेल कर मछलियों एवं बतख आदि पालन के लिए योजनाएं तैयार करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र कृषि विकास योजना शुरू की जा रही है। इस योजना में मनरेगा को शामिल करते हुए और अधिक रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकेंगे। उन्होंने बैठक में उपस्थित अधिकारियों सहित जिला पंचायत के पदाधिकारियों से अपने क्षेत्रों में छोटे-छोटे हाट बाजार विकसित करने को कहा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को हरेला पर्व के अवसर पर 16 जुलाई 2020 को सघन वृक्षारोपण कार्यक्रम अपने क्षेत्रों के लिए तैयार करने को कहा है। बैठक में प्रमुख सचिव मनीषा पंवार, अपर सचिव एवं अधिशासी निदेशक राज्य मनरेगा उदय राज सिंह, अध्यक्ष जिला पंचायत बसंती देवी, अमरदेई शाह, क्षेत्र पंचायत प्रमुख सरिता भी मौजूद रही।