बागी विधायकों की सदस्यता समाप्त करने के मामले में सोमवार को विधानसभा स्पीकर की तरफ से हाईकोर्ट में जवाब दाखिल कर दिया गया है। इस प्रकरण पर अब अगली सुनवाई 23 अप्रैल को होगी।
बता दें कि पूर्व में न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई थी, जिसमें बागी विधायकों की ओर से पैरवी कर रहे आर्यमन सुंदरम, एल. नागेश्वर राव और दिनेश द्विवेदी ने कोर्ट को बताया था कि स्पीकर द्वारा बागी विधायकों की सदस्यता समाप्त करना गलत है।
स्पीकर की तरफ से कपिल सिब्बल ने की पैरवी
याचिका में कहा गया था कि विधायकों ने पार्टी छोड़ी नहीं थी वे केवल सरकार के खिलाफ गए थे। उन्होंने कोर्ट से विधानसभा अध्यक्ष के आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी। वहीं, स्पीकर की पैरवी करने पहुंचे पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की ओर से कहा गया था कि स्पीकर द्वारा बागी विधायकों की सदस्यता समाप्त करना बिल्कुल सही है।
बागी विधायक सुबोध उनियाल, शैला रानी रावत, उमेश शर्मा काऊ, कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, हरक सिंह रावत, अमृता रावत, शैलेंद्र मोहन सिंघल और प्रदीप बत्रा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर 27 मार्च 2016 को विधानसभा अध्यक्ष की ओर से सभी बागी विधायकों की सदस्यता को समाप्त करने को चुनौती दी थी। इस प्रकरण पर सोमवार को स्पीकर ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है। मामले की सुनवाई 23 को होगी।