उत्तराखंड क्रांति दल (ऐरी गुट) को शनिवार को उस समय अजीब स्थिति से गुजरना पड़ा जब कुछ घंटे पहले ही पार्टी का दामन थामने वाली सपा नेत्री ने टिकट की घोषणा न होने पर पार्टी छोड़ने की धमकी दी। उन्होंने यहां तक कहा कि उक्रांद का संगठन कमजोर है। उनका टिकट फाइनल हो तो वह फील्ड में जाकर तैयारी करें।
शनिवार को सपा की राष्ट्रीय सचिव दीपा भट्ट ने उक्रांद की सदस्यता ली। दल के केंद्रीय अध्यक्ष पुष्पेश त्रिपाठी की मौजूदगी में उन्होंने दल के लिए काम करने का भरोसा दिलाया। हालांकि कुछ देर बाद ही उन्होंने लालकुआं विधानसभा सीट से दल का प्रत्याशी घोषित न किए जाने पर नाराजगी जताते हुए पार्टी छोड़ने तक की बात कह दी।
कार्यकारी जिलाध्यक्ष संजय क्षेत्री के सामने विरोध जताते हुए उन्होंने कहा कि टिकट घोषित करने की बात कहते हुए उन्हें दल में शामिल कराया गया। अब दो बार उन्हें सदस्यता दिलवा दी। साथ ही, टिकट के लिए आवेदन भी करा लिया, लेकिन प्रत्याशी के तौर पर उनका नाम घोषित नहीं किया गया।
बोलीं '...तो नेता जी से माफी भी मांग लूंगी'
उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस के नेता भी उन्हें पार्टी में शामिल कराने की कोशिश कर रहे हैं। बावजूद इसके उन्होंने उक्रांद में शामिल होने का फैसला किया। दल उनके टिकट की घोषणा नहीं करेगा तो उनके सामने सभी विकल्प खुले हैं। ज्यादा हुआ तो वह नेता जी (मुलायम सिंह यादव) से माफी भी मांग लेंगी।
दीपा भट्ट को शायद जानकारी नहीं रही कि पार्टी में शामिल होने का मतलब यह नहीं कि उन्हें टिकट मिलेगा। उन्होंने आवेदन किया है, जिस पर संसदीय बोर्ड फैसला लेगा।
-पुष्पेश त्रिपाठी, अध्यक्ष, उक्रांद
दीपावली बाद घोषित होंगे प्रत्याशी
उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष पुष्पेश त्रिपाठी ने बताया कि विस चुनाव लड़ने के इच्छुक 177 लोगों ने आवेदन दिए हैं। पार्टी पहले ही 17 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी है। शेष सीटों पर दीपावली के बाद प्रत्याशी घोषित होंगे। उन्होंने बताया कि संसदीय बोर्ड की बैठक शुरू हो गई है, इसमें प्रत्याशियों को लेकर चर्चा होगी।