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पिता ने डांटा तो बेटे ने मौत को लगा लिया गले, तिमाही परीक्षा में आए थे कम नंबर

Tue, 03 Sep 2019 08:20 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जसपुर
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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उत्तराखंड के जसपुर में तिमाही परीक्षा में कम अंक लाने पर कक्षा नौ के एक छात्र को पिता ने डांटा तो उसने मौत को गले लगा लिया। नवीं में पढ़ने वाले इस छात्र में अपने कमरे में फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। इधर, शोक में स्कूल में सोमवार को अवकाश घोषित कर दिया गया।

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ग्राम रहमापुर निवासी किसान रणधीर सिंह का 14 वर्षीय बेटा हिमांशु कुमार पंडित पूर्णानंद तिवारी इंटर कॉलेज के नवीं में पढ़ता था। बताया जा रहा है कि तिमाही परीक्षा में हिमांशु के नंबर कम आए थे। इसी को लेकर उसके पिता रविवार को उसे समझा रहे थे कि यदि उसके अभी से नंबर कम आएंगे तो मेरिट में कैसे जगह बनाएगा। पिता ने इसी बात को लेकर उसे हल्के से डांटा भी।

इससे वह नाराज हो गया और कमरे में जाकर पंखे से लटकर उसने खुदकुशी कर ली। कोतवाली पुलिस को सूचना दिए बिना देर शाम छात्र के परिजनों ने छात्र का अंतिम संस्कार कर दिया। सोमवार को कॉलेज के प्रधानाचार्य अमर सिंह ने श्रद्धांजलि सभा कर विद्यालय में अवकाश घोषित कर दिया। उधर, कोतवाल उमेद सिंह दानू ने बताया कि कोतवाली पुलिस को घटना की सूचना नहीं दी गई है।

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परीक्षा को लेकर बच्चों का हौसला बढ़ाएं अभिभावक, दबाव न डालें

मनोचिकित्सक डॉ. नेहा शर्मा ने बताया कि परीक्षा से पहले छात्र हिमांशु ने अपनी तुलना सहपाठियों से की होगी। टेस्ट में कम नंबर आने के कारण वह मानसिक दबाव में आ गया। एक तरफ परिजनों का दबाव, दूसरी तरफ रिश्तेदारों और समाज में इज्जत का दबाव छात्र सहन नहीं कर सका।

परीक्षा की तैयारी के लिए टिप्स 
अभिभावकों को छात्र की चाहत के बारे में पूछना चाहिए। यदि छात्र तैयार नहीं है तो उसे हताश नहीं करना चाहिए। दूसरी परीक्षा के लिए तैयार करना चाहिए।
- उच्च प्रतियोगी परीक्षा में प्रयास मायने रखता है। एक बार में हर कोई परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर सकता है। ऐसे उदाहरणों को बताना चाहिए।
- अभिभावकों को अपने बच्चों के अंदर आत्मविश्वास पैदा करना चाहिए।
- परीक्षा आत्मविश्वास और दूसरे की चिंता के बगैर देना चाहिए।
- जिंदगी की सच्चाई को प्रतियोगी छात्रों को समझाना चाहिए। हौसला बढ़ाना चाहिए।
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