मनोचिकित्सक डॉ. नेहा शर्मा ने बताया कि परीक्षा से पहले छात्र हिमांशु ने अपनी तुलना सहपाठियों से की होगी। टेस्ट में कम नंबर आने के कारण वह मानसिक दबाव में आ गया। एक तरफ परिजनों का दबाव, दूसरी तरफ रिश्तेदारों और समाज में इज्जत का दबाव छात्र सहन नहीं कर सका।
परीक्षा की तैयारी के लिए टिप्स
अभिभावकों को छात्र की चाहत के बारे में पूछना चाहिए। यदि छात्र तैयार नहीं है तो उसे हताश नहीं करना चाहिए। दूसरी परीक्षा के लिए तैयार करना चाहिए।
- उच्च प्रतियोगी परीक्षा में प्रयास मायने रखता है। एक बार में हर कोई परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर सकता है। ऐसे उदाहरणों को बताना चाहिए।
- अभिभावकों को अपने बच्चों के अंदर आत्मविश्वास पैदा करना चाहिए।
- परीक्षा आत्मविश्वास और दूसरे की चिंता के बगैर देना चाहिए।
- जिंदगी की सच्चाई को प्रतियोगी छात्रों को समझाना चाहिए। हौसला बढ़ाना चाहिए।