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बजट पर लोगों ने दी मिलीजुली प्रतिक्रिया

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विकासनगर। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को आम बजट 2021-22 पेश किया। बजट पर पछवादून के लोगों ने मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ ने इस बजट को आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ते हुए कदम बताया है तो कुछ ने इसे दिशाहीन करार दिया है। मध्यम वर्ग से जुड़े लोग बजट से खासा निराश हुए हैं। टैक्स में राहत न मिलने से उनके हाथ मायूसी लगी है। वहीं कुछ का कहना है कि बजट इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने वाला है। इससे हेल्थ सेक्टर में सुधार आएगा। वहीं राजनीतिक पार्टियों ने इसे चुनावी बजट करार दिया है। कांग्रेस और सपा नेताओं का कहना है कि बजट में उत्तराखंड के लिए कुछ नहीं है। महंगाई को रोकने के लिए इसमें कोई भी प्रावधान नहीं किए गए हैं। अमर उजाला ने क्षेत्रीय लोगों से बजट पर बात की तो उन्होंने कुछ इस तरह अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।
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बजट में आम आदमी के लिए कुछ नहीं है। टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई है। इसके साथ ही महंगाई को रोकने के लिए भी कोई कदम नहीं उठाया गया है। -स्वाति थपलियाल, गृहिणी
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बजट सरकार के आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ते हुए कदम को दिखाता है। बजट में हर वर्ग का ध्यान रखने का प्रयास किया गया है। इससे देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा। -सौरभ उनियाल, युवा
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बजट में छोटे-मझोले व्यापारियों के लिए कोई विजन नहीं है। जीएसटी का सरलीकरण किया जाना चाहिए था। मात्र लोकलुभावनी योजनाओं की घोषणा की गई है। -राजकुमार जैन व्यापारी
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बजट से जितनी उम्मीदें थीं, उतना नहीं मिल सका है। इसमें सूखे से निपटने के लिए कोई राहत की बात नहीं की गई है। इससे किसानों में निराशा है। -दीवान सिंह रावत, किसान
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बजट बेहद संतुलित है, लेकिन इसमें महंगाई से राहत के लिए कोई भी प्रावधान नजर नहीं आ रहे हैं। इस पर फोकस की जरूरत थी। -धनंजय भट्ट अधिवक्ता
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बजट में आम आदमी के लिए कुछ भी नहीं है। रसोई गैस की सब्सिडी को घटा दिया गया है। जिससे सिलेंडर महंगा हो जाएगा। सरकार का पूरा फोकस निजीकरण पर है। -केके गौतम पूर्व अध्यक्ष सपा लोहिया वाहिनी
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सरकार ने कोरोना वैक्सीन के लिए बजट आवंटित कर जनता को राहत दी है। इंफ़्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देकर रोजगार और अर्थव्यवस्था को वापस पटरी पर लाने का प्रयास किया गया है। -डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान, प्रवक्ता एवं पूर्व अध्यक्ष आईएमए विकासनगर
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बजट ऐतिहासिक और भारत के भविष्य को उन्नति की ओर ले जाने वाला है। भारत कोरोना काल में आर्थिक मंदी, स्वास्थ्य और कई समस्याओं से जूझ रहा था। इनसे लड़ने के लिए बजट में बूस्टर डोज मिली है। -अमित डबराल जिला उपाध्यक्ष भाजपा
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बजट पूरी तरह से चुनावी राज्यों पर फोकस और दिशाहीन है। इसमें किसानों, बेरोजगारों और लघु उद्योगों की स्थिति में सुधार के लिए कोई ब्लूप्रिंट नहीं है। उत्तराखंड की पूरी तरह से उपेक्षा की गई है। -शम्मी प्रकाश शहर अध्यक्ष कांग्रेस
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