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इस प्लांट में कूड़ा निपटेगा और कंपोस्ट भी बनेगा

Thu, 10 Mar 2016 12:32 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोसेसिंग प्लांट - फोटो : file photo
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शीशमबाड़ा (सेलाकुई) में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोसेसिंग प्लांट के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
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एक निजी याचिकाकर्ता की याचिका सर्वोच्च न्यायालय स्तर पर खारिज होने से प्लांट निर्माण की बाधा दूर हो गई है। बुधवार को मेयर विनोद चमोली ने शार्ट टर्म टेंडर प्रक्रिया अपनाने के आदेश दिए हैं। पंद्रह दिनों के अंदर दोबारा टेंडर होंगे। यह पूरा प्रोजेक्ट लगभग बीस करोड़ रुपये का है। प्लांट बनने से कूड़ा प्रबंधन के क्षेत्र में बड़ा कार्य हो सकेगा।

साथ ही सॉलिड वेस्ट से कंपोस्ट भी बनाया जाएगा। इसके लिए अब तक दो टेंडर डाले गए थे। जिसकी शासन से विशेष अनुमति मिल गई थी। हालांकि, अब मेयर ने अपने स्तर से इसके रि-टेंडरिंग के आदेश दिए हैं। शासन की ओर से कंसोरियम बनाने की इजाजत भी मिल गई है।
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शीशमबाड़ा में काफी अधिक क्षमता वाले सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना की कोशिश लंबे समय से की जा रही है। नगर निगम यहां अत्याधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट बनाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन न्यायालय और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में कुछ समय से विवाद चल रहा था। अब सर्वोच्च न्यायालय ने अपीलकर्ता की याचिका को खारिज कर दिया है।

इसके साथ ही एनजीटी ने भी नगर निगम को हरी झंडी दे दी है। मेयर विनोद चमोली ने बताया कि बाधाओं के हटने से काम को गति मिलेगी। पहले दो ही टेंडर पड़े थे। लिहाजा शासन से विशेष अनुमति मांगी गई थी, जो मिल गई थी।

शहरी विकास सचिव से इस बारे में सभी पक्षों को लेकर वार्ता हुई है। अब मैंने शार्ट टर्म टेंडर मैकेनिज्म के तहत पंद्रह दिनों के भीतर दोबारा टेंडर कराने के आदेश दिए हैं। ताकि, प्लांट का काम जल्द से जल्द से पूरा हो सके। निगम अब इस काम को युद्धस्तर पर करेगा।

ट्रंचिंग ग्राउंट को शिफ्ट करने की मांग
सहस्त्रधारा मार्ग स्थित ट्रंचिग मैदान को शिफ्ट करने की मांग लोग लंबे समय से कर रहे हैं। इस ट्रंचिंग मैदान की क्षमता भी सीमित है। शीशमबाड़ा में भी सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट की शुरुआत काफी पहले हो जाती। लेकिन नगर निगम और एक निजी शैक्षिक संस्थान के बीच लिटिगेशन होने से बाधा आती रही।
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न्यायालय ने नगर निगम के पक्ष में फैसला दिया था। लेकिन इसके बाद एक निजी याचिकाकर्ता ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी थी। अब सर्वोच्च न्यायालय ने उसकी याचिका को भी खारिज कर दिया है। लिहाजा अब प्लांट का बनना तय है। वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कैलाश गुंज्याल का कहना है कि निगम प्रशासन वैसे भी आधा निर्माण कार्य कर चुका है। बस प्लांट निर्माण के टेंडर की प्रक्रिया शेष है।
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