इस पर आयोग ने नौटियाल पर कार्रवाई नहीं करने के आदेश दिए थे। आयोग के इस आदेश को हरिद्वार निवासी पंकज कुमार ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका के जरिये चुनौती देते हुए कहा कि आयोग को मामले में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है, इसलिए इन पर कार्रवाई जारी रखी जाए। याचिका में कहा गया कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है और आयोग अपने कार्य क्षेत्र से बाहर जाकर न्यायिक प्रक्रिया में व्यवधान पैदा कर रहा है।
बता दें कि घोटाले की जांच को लेकर राज्य आंदोलनकारी रविंद्र जुगरान की ओर से दायर जनहित याचिका विचाराधीन है। याचिका में कहा गया है कि समाज कल्याण विभाग ने 2003 से अब तक अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों का छात्रवृत्ति का पैसा नहीं दिया।
इससे स्पष्ट होता है कि 2003 से अब तक विभाग ने करोड़ों रुपये का घोटाला किया है। 2017 में इसकी जांच के लिए पूर्व मुख्यमंत्री ने एसआईटी गठित की थी और तीन माह के भीतर जांच पूरी करने को भी कहा था परंतु इस पर आगे की कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। याचिकाकर्ता का यह भी कहना था कि इस मामले में सीबीआई जांच की जानी चाहिए।