प्रदेश के समाज कल्याण विभाग की योजनाओं पर अफसरों और कर्मचारियों की कमी भारी पड़ रही है। खाली पदों से योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में पेश आ रही परेशानी को लेकर अल्मोड़ा के जिलाधिकारी ने सचिव (समाज कल्याण) एल. फैनई को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने खाली पदों पर तैनाती का अनुरोध किया है।
सूत्रों के अनुसार राज्य गठन के 20 साल बाद भी विभाग के पास सभी जनपदों में जिला समाज कल्याण अधिकारी नहीं हैं। देहरादून, पौड़ी और नैनीताल में ही जिला समाज कल्याण अधिकारी के पद भरे हैं और 10 जनपदों में काम चलाऊ व्यवस्था के तहत प्रभारी समाज कल्याण अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। जिलों में केंद्र और प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के संचालन और उन्हें लागू करने का पूरा दारोमदार जिला समाज कल्याण अधिकारी के कंधों पर होता है। नतीजा यह है कि इसका असर योजनाओं को लागू करने में कठिनाई आ रही है।
इसकी तस्दीक अल्मोड़ा के जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया का पत्र कर रहा है। उन्होंने लिखा है कि जनपद में जिला समाज कल्याण अधिकारी अपर जिला समाज कल्याण अधिकारी के एक-एक पद हैं और दोनों ही खाली हैं। सहायक समाज कल्याण अधिकारी के 11 पद हैं, जिनमें से पांच पद खाली हैं।
छात्रावास अधीक्षक का एक पद है और वह भी खाली है। विभाग ने लोकसेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को खाली पदों को भरने के लिए प्रस्ताव भेजे हैं। विभाग में समाज कल्याण अधिकारी कैडर के करीब 18 पद हैं। इनमें से नौ पद पदोन्नति से भरे जा सकते थे, लेकिन प्रमोशन प्रक्रिया में विलंब होने और अब आरक्षण रोस्टर की वजह से प्रमोशन में रोक होने से खाली पदों को नहीं भरा जा सका है।
ये सुनाई पत्र में व्यथा
पत्र में डीएम ने लिखा है कि उनका जिला विषम हालातों वाला है। जनपद में 12 तहसीलों, चार उपतहसीलों व 11 विकास खंड हैं। इनमें सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने पत्र में विभागीय योजनाओं मसलन वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन, तीलू रौतेली पेंशन, बौना पेंशन, एससी एसटी, ओबीसी, दिव्यांग व अल्पसंख्यक छात्रों को छात्रवृत्ति व प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, एससी एसटी व सामान्य वर्ग की विधवाओं की पुत्रियों के विवाह अनुदान का जिक्र किया है। कहा है कि इन योजनाओं का सरोकार आमजन से है। योजनाओं का लाभ समय पर न मिलने से शासन और प्रशासन की छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
हमारी पूरी कोशिश है कि समाज कल्याण विभाग में खाली पदों को जल्द भर दिया जाए। विभाग की ओर से उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को प्रस्ताव भेजे हैं। आशा करते हैं कि जल्द रिक्त पदों को भर लिया जाएगा।
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यशपाल आर्य, समाज कल्याण मंत्री