लोकसभा चुनाव के नतीजों में बाजी भाजपा के पक्ष में लाने के लिए युवा मतदाता की बड़ी भूमिका रही। उत्तराखंड में पांच वर्षों में युवा मतदाता की संख्या में 18 फीसदी की वृद्धि हुई है, जिसने भाजपा को खुलकर समर्थन किया है।
सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाला यह यंगिस्तान फेसबुक, ट्वीटर पर कांग्रेस को कोसता दिखा। पार्टियों के प्रचार से इतर युवा वोटरों ने सोशल मीडिया पर मोदी लहर को प्रसारित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
मोदी लहर को पर्वतीय सुदूर क्षेत्रों तक पहुंचाने का श्रेय इस युवा मतदाता को जाता है।
सोशल मीडिया से पार्टी से जुड़े युवा
सोशल मीडिया की ताकत ने इस बार युवा मतदाताओं का रुख भाजपा की तरफ किया है। उत्तराखंड उन राज्यों में शुमार है जहां 2009 लोकसभा चुनाव के मुकाबले 12 लाख मतदाता अधिक बढ़े हैं।
2009 में लगभग 56 लाख 82 हजार मतदाता थे जो अब 67.81 लाख पहुंच गए हैं। राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में वृद्धि पांच फीसदी तक की दर्ज की गई है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में 35 फीसदी मतदाता जुड़ा।
यह पहले से माना जा रहा था कि नए जुड़े मतदाता किसी भी राजनीतिक दल के लिए उलटफेर में अहम साबित होंगे और हुआ भी ऐसा भी।
मोदी लहर का रहा युवाओं पर असर
मोदी ने जिस तरह से सोशल मीडिया पर इन चुनावों में खुद को प्रचारित किया उससे युवा मतदाता जुड़ते चले गए।
सोशल मीडिया से जुड़े युवा न सिर्फ पार्टी से जुड़े बल्कि पार्टी के प्रचार को अपने परिवार में बड़े बूढ़ों तक पहुंचाया।
इसी की नतीजा है कि पर्वतीय क्षेत्रों वाली संसदीय सीटों टिहरी, पौड़ी और अल्मोड़ा में जहां जीत हार हजारों मतों में होती थी वह लाखों तक पहुंच गई।
चुनाव अधिसूचना जारी होने से पहले सोशल मीडिया में आम आदमी पार्टी सर्वाधिक सक्रिय था, जिसे चार माह में भाजपा मजबूत प्रचार तंत्र से पस्त किया।
लोकसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की स्थिति
लोकसभा क्षेत्र ----- युवा मतदाता
टिहरी गढ़वाल ----- 266007
पौड़ी गढ़वाल ------ 183,116
अल्मोड़ा ---------- 221405
हरिद्वार ----------- 310416
नैनीताल --------- 291829