केदारनाथ में सोमवार को दिनभर चटक धूप खिली रही। इस दौरान अधिकतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंदिर सहित केदारपुरी में अब भी साढ़े 8 फीट बर्फ मौजूद है।
जिले में सोमवार को सुबह से आसमान साफ था। दिनभर चटक धूप खिलने से बीते दो दिनों से यहां ढाई फीट से अधिक बर्फ पिघल चुकी है, लेकिन मंदिर परिसर सहित केदारपुरी में अभी भी 8.5 फीट बर्फ मौजूद है, जिससे पुनर्निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप पड़े हुए हैं। दूसरी तरफ बिजली सप्लाई बाधित होने से धाम में रह रहे लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कार्यदायी संस्था वुड स्टोन के टीम प्रभारी कैप्टन सोबन सिंह बिष्ट ने बताया कि लकड़ी नहीं होने से अलाव की व्यवस्था नहीं हो पा रही है, जिससे धूप ढलते ही कमरों में बंद होना पड़ रहा है। आवासीय भवनों की छतों व निर्माण स्थलों पर बर्फ सफाई का कार्य जोरों पर चल रहा है।
मौसम के ठीक रहने की स्थिति में अगले दो दिन के बाद पुनर्निर्माण कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। धाम में अधिकतम तापमान 12 व न्यूनतम माइनस 8.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
उत्तरकाशी में चटख धूप के साथ मौसम के मेहरबान होने से आम जन के साथ ही प्रशासन एवं संबंधित विभागों ने राहत की सांस ली है। सोमवार को यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे समेत जिले की सभी सड़कों पर यातायात बहाल कर दिया गया। हालांकि मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए सभी लोगों को अलर्ट रहने को कहा गया है।
बीते एक फरवरी से जिले में बारिश और बर्फबारी का दौर थमने के साथ ही चटख धूप के साथ ही मौसम खुशगवार बना हुआ है। मौसम का साथ मिलने पर बर्फ से अवरुद्ध पड़ी ऊंचाई वाली सड़कों पर यातायात बहाली के प्रयास रंग लाए। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि यमुनोत्री हाईवे पर जानकीचट्टी तक यातायात बहाल हो गया है। इधर गंगोत्री हाईवे पर भैरोंघाटी तक यातायात सुचारू कर लिया गया।
इससे आगे गंगोत्री की ओर बर्फ हटाकर वाहनों की आवाजाही लायक रास्ता तो बना लिया गया है, लेकिन यहां भारी बर्फ और पाले के कारण एहतियात बरतना पड़ रहा है। आजकल गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के कारण वहां फिलहाल आवाजाही नहीं हो रही है। जिन जगहों पर बर्फ और पाला जमा है, वहां चूने का छिड़काव कराकर वाहनों की सुरक्षित आवाजाही के इंतजाम किए जा रहे हैं। हाईवे के अलावा बीते दिनों बर्फबारी के दौरान अवरुद्ध हुए अन्य संपर्क मोटर मार्गों पर यातायात बहाल हो गया है।
मौसम खुशगवार होने से बीते दिनों बर्फ की आगोश में कैद हुए गांवों में रह रहे लोगों को भी कड़ाके की ठंड से राहत मिली है। जिला मुख्यालय सहित निचले क्षेत्रों में सोमवार को अधिकतम तापमान 20 डिग्री तथा न्यूनतम 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
जबकि बर्फ से ढके क्षेत्रों में तापमान रात के समय शून्य तक पहुंच रहा है। चार दिनों से मौसम खुशगवार होने से जनजीवन सामान्य तो हो गया है, लेकिन मौसम विभाग द्वारा 5 फरवरी के बाद फिर बारिश और बर्फबारी की आशंका जताए जाने पर प्रशासन ने सभी लोगों को अलर्ट किया है।