उत्तराखंड के लाल टिब्बा, धनोल्टी, विनोग हिल, सुरकंडा देवी मंदिर समेत आस-पास की पहाड़ियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली।
मौसम का जमकर लुत्फ उठाया
मौसम का मिजाज देख दून समेत आस-पास के इलाकों से पर्यटक मसूरी में उमड़ पड़े, लेकिन बर्फबारी का मजा लेने के लिए उन्हें लाल टिब्बा, धनोल्टी-बुरांसखंडा का रुख करना पड़ा। आधा घंटे चली बर्फबारी से देवदार और बांज सफेद हो गए।
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सैलानियों ने इस मौसम का जमकर लुत्फ उठाया। हालांकि मसूरी के मालरोड, लाइब्रेरी बाजार, कुलडी और लंढौर बाजार में बर्फ न होने से पर्यटकों को निराशा हाथ लगी। सैलानियों के उमड़ने से चाय-पान की दुकानों में खूब बिक्री हुई।
उधर, राजधानी में तड़के से दोपहर तक रह-रहकर होती रही बारिश ने मौसम में नमी बढ़ाई, लेकिन ठंडी हवाओं ने लोगों के हाड़ कंपा दिए। यहां के तापमान में 7 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 12.2 दर्ज किया गया।
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संडे होने के बावजूद लोगों ने बाहर निकलने के बजाए घर में ही दुबकना बेहतर समझा। अलबत्ता, तिब्बती मार्केट में लगने वाले संडे मार्केट में खरीदार फिर भी जुटे। राज्य मौसम केंद्र की मानें तो इंद्रदेव की यह मेहरबानी कुछ ही घंटों की है।
कहीं-कहीं हल्की बारिश
केंद्र के वैज्ञानिक ‘डी’ डॉ. विक्रम सिंह के अनुसार आज सोमवार से मौसम खुलने की उम्मीद है। वहीं, केंद्र में दर्ज आंकड़ों के अनुसार दून में आंशिक बादल देखने को मिल सकते हैं। कहीं-कहीं हल्की बारिश रह सकती है।
रुड़की, हरिद्वार समेत मैदानी क्षेत्रों में ठंडी हवा चलेगी। कोहरे में कुछ कमी देखने को मिल सकती है।
फसलों के लिए अच्छी, सूखी ठंड से राहत
मौसम के करवट बदलते ही उत्तराखंड में पड़ी बारिश को विशेषज्ञ फसलों की दृष्टि से बेहतर मान रहे हैं। उनके मुताबिक गेहूं के लिए खास तौर पर यह बारिश अच्छी है। इसके अलावा इस कुछ घंटों की बारिश से सूखी ठंड से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
दिसंबर में बर्फ गिरना ग्लेशियरों के लिए फायदेमंद
दिसंबर में बर्फ का गिरना ग्लेशियरों के लिए बढ़िया है। जितनी बर्फ, उतनी ही इसकी जमावट बढ़िया होगी। वाडिया हिमालयन भू-विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक डा. डीपी डोभाल के अनुसार अगर जनवरी, फरवरी तक यह सिलसिला कायम रहे तो ग्लेशियरों की दृष्टि से बेहतर रहेगा।
मसूरी में बीते साल 10 दिन पहले गिरी थी चांदी
बीते साल मसूरी में 11 दिसंबर को मौसम की पहली बर्फबारी हुई थी। ऐसा चार दशक में पहली बार हुआ था। इस दफा मसूरी के आस-पास बीते सीजन से तुलना करें तो इस बार पूरे 10 दिन बाद बर्फबारी के दृश्य देखने को मिले हैं। सीजन के लिए भी इसे बेहतर माना जा रहा है।
तीन दिन बाद फिर सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ
तीन दिन और इंतजार करिए। आने वाली 26-27 दिसंबर को पश्चिमी विक्षोभ के फिर से सक्रिय होने की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों की मानें तो एक बार फिर बारिश और बर्फबारी देखने को मिल सकती है।
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इस बीच बारिश बेशक नहीं होगी, लेकिन ठंड में बढ़त देखने को मिल सकती है। राज्य मौसम केंद्र के वैज्ञानिक ‘डी’ विक्रम सिंह के मुताबिक भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने बीती 16 दिसंबर को 21 दिसंबर को सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ को लेकर अनुमान जारी किया था।
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एक और विक्षोभ आने वाली तीन दिन बाद देखने को मिल सकता है। सूखी ठंड से निजात दिलाने के मद्देनजर वह उसकी सक्रियता को बारिश और बर्फ के लिए बेहतर करार दे रहे हैं।