पहाड़ों की रानी मसूरी इन दिनों जबरदस्त ठंड की चपेट में है। मसूरी और उसकी नजदीकी चोटियों पर हिमपात होने से मसूरी के तापमान में भारी गिरावट आई है।
पारे में भारी गिरावट आने से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। बुधवार को भी समूची पर्यटन नगरी दिनभर धुंध और कोहरे के आगोश में रही। वहीं, मंगलवार देर रात मसूरी के ऊंचे इलाके लाल टिब्बा, बुरांशखंडा आदि में हल्की बर्फबारी हुई। हालांकि बर्फ ज्यादा देर तक जमीन पर टिक नहीं पाई, लेकिन इससे ठंड में इजाफा हो गया।
मंगलवार शाम से ही शहर में ठंड का प्रकोप शुरू हो गया था। देर रात मसूरी की चोटियों में हल्का हिमपात हुआ। उधर, धनोल्टी और सुरकंडा की पहाड़ियों में बर्फबारी होने से पर्यटक बुधवार सुबह से ही धनोल्टी की ओर रुख करने लगे थे। मसूरी और उसकी नजदीकी चोटियों पर हिमपात होने से मसूरी के तापमान में भारी गिरावट आई है।
ठंड बढ़ने से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। बुधवार को दिनभर मालरोड, कुलड़ी बाजार, चार दुकान समेत शहर के व्यस्त इलाकों में भी चहल-पहल कम रही। शाम ढ़लते ही बाजारों में सन्नाटा पसर गया। बुधवार को कई दुकानें और रेस्तरां बंद रहे। मसूरी-देहरादून मार्ग पर भी वाहनों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम रही। ठंड बढ़ने से स्थानीय लोग भी घरों में दुबके रहे।
पर्यटन नगरी में इस बार लोग लंबे समय से बर्फबारी का इंतजार कर रहे थे। दिसंबर के आखिरी और जनवरी के पहले सप्ताह में कई बार हिमपात की संभावना बनी, लेकिन हुई नहीं। पाला गिरने से लोगों की परेशानी जरूर बढ़ गई। अब ठंड बढ़ने से एक बार फिर बर्फबारी की संभावना बलवती होने लगी है।
पाला जमने से यातायात प्रभावित
मंगलवार रात ऊंची चोटियों पर हुई हल्की बर्फबारी के बाद तापमान में भारी गिरावट आई। इससे पहाड़ी के निचले इलाकों में काफी पाला जम गया। पाला जमने से सुबह ग्यारह बजे बुरांसखंडा से कद्दूखाल के बीच यातायात प्रभावित रहा। इस दौरान छोटे वाहनों का आवागमन रुक गया। दोपहर बाद पाला कम होने और बड़े वाहनों की आवाजाही के बाद ही मार्ग पर यातायात सुचारु हो सका। दोपहर तक यातायात प्रभावित रहने से छोटे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।