शुक्रवार को मौसम के एक बार फिर करवट लेने से उत्तराखंड के पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी शुरू हो गई है। केदारनाथ और बदरीनाथ में एक-एक फुट एवं हेमकुंड साहिब में डेढ़ फुट तक बर्फ जम गई है।
उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम सहित सात हजार फुट से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र पूरी तरह बर्फ से पट गए हैं। तापमान में जबर्दस्त गिरावट से कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
गोपेश्वर के निचले इलाकों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी जारी रही। बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, नीलकंठ, रुद्रनाथ, पनार बुग्याल, नंदादेवी, नंदा घुंघटी सहित ऊंची चोटियों में बर्फबारी होने से क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बर्फबारी से गोपेश्वर-चोपता-ऊखीमठ और जोशीमठ-औली मोटर मार्ग कई जगहों पर अवरुद्ध हो गया है। प्रसिद्ध हिम क्रीड़ा स्थली औली में भी करीब 6 इंच बर्फ जम गई है।
हर्षिल में सात इंच मोटी बर्फ
उत्तरकाशी में अधिक ऊंचाई वाले इलाके पूरी तरह बर्फ से पट गए हैं। गंगोत्री का शीतकालीन पड़ाव मुखबा में बर्फ बिछ गई है। हरकीदून घाटी में इस सीजन का दूसरा हिमपात हुआ।
सांकरी से आगे मोरी प्रखंड के दो दर्जन से अधिक और यमुनोत्री क्षेत्र में खरसाली सहित गीठ वजरी पट्टी के आधा दर्जन गांव बर्फ से घिर गए हैं। राड़ी टॉप पर बर्फबारी के कारण यातायात जोखिम भरा हो गया है।
जिले में दोपहर बाद से बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी है। हर्षिल निवासी डॉ. नागेंद्र रावत ने बताया कि वहां दोपहर से हिमपात हो रहा है। शाम तक हर्षिल में सात इंच तक बर्फ जमा हो चुकी है। बारिश एवं बर्फबारी के कारण तापमान में जबर्दस्त गिरावट आ गई है।
अब बर्फबारी के बाद मौसम खुलने पर हिमाच्छादित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है।
बुग्यालों में हुई बर्फबारी
कर्णप्रयाग के ऊंचाई वाले इलाकों और बुग्यालों में जमकर बर्फबारी हुई। देवाल के आली, वैदनी, रूपकुंड सहित बगची बुग्यालों में और गैरसैंण के दूधातोली में भी बर्फबारी हुई।
केदारनाथ में बिछी बर्फ, कनेक्टिविटी कटी
मौसम के बिगड़े मिजाज से केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य पर भी असर पड़ा। जिले में शुक्रवार को सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे। सुबह 11 बजे से शुरू हुई रिमझिम बारिश का क्रम छह घंटे तक बना रहा। इस दौरान शीत हवाओं का प्रकोप भी अपने चरम पर रहा।
मौसम के इस बदले मिजाज से केदारनाथ में दोपहर बाद से बर्फबारी शुरू हो गई थी। तेज बारिश और बर्फबारी के कारण पुनर्निर्माण कार्य व्यापक रूप से प्रभावित रहे। शाम चार बजे तक केदारनाथ में एक फिट तक बर्फ गिर गई थी।
केदारनाथ में शाम से बीएसएनएल की कनेक्टिविटी भी नहीं है। जनपद के ऊखीमठ और जखोली तहसील के ऊपरी इलाकों में भी दुबारा बर्फ गिरने की सूचना है। गुप्तकाशी, अगस्त्यमुनि, रुद्रप्रयाग में कड़ाके की ठंड से लोग परेशान हैं। बाजारों में भी चहल-कदमी कम रही।
दो घंटे बाधित रहा यातायात
रुद्रप्रयाग। शुक्रवार को रिमझिम बारिश का असर यातायात पर भी देखने को मिला। रुदप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग सेमी में कीचड़ में ट्राला फंसने से यातायात दो घंटे अवरूद्व रहा। ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग पर सिरोहबगड़ में भी समय-समय पर पहाड़ी से पत्थर व मलबा गिरने के कारण यातायात प्रभावित होता रहा।