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चार धाम सहित ऊंची वादियों में बिछी बर्फ की सफेद चादर, बर्फबारी का लुत्फ उठाने पहुंचे पर्यटक

Thu, 13 Dec 2018 10:01 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग/गोपेश्वर/उत्तरकाशी
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बर्फ से लकदक हुई उत्तराखंड की वादियां - फोटो : अमर उजाला
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पहाड़ में बुधवार को भी मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा। चारों धामों सहित ऊंची वादियों में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। केदारनाथ में बुधवार को दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक तेज बर्फबारी हुई। तीन घंटे तक हुई बर्फबारी से धाम में चार इंच नई बर्फ जम चुकी है। चमोली जिले में बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब समेत ऊंची चोटियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री और यमुनोत्री धाम भी बर्फ से ढक गए हैं।
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केदारनाथ में सुबह से घने बादल छाए हुए थे, लेकिन दोपहर दो बजे से तेज बर्फबारी शुरू हो गई। शाम पांच बजे तक यह सिलसिला जारी रहा। खराब मौसम के चलते यहां पुनर्निर्माण कार्यों पर व्यापक असर पड़ा है। धाम में तैनात देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि गत मंगलवार को भी साढ़े पांच घंटे बर्फबारी हुई है। इस दौरान यहां छह इंच बर्फ जम गई थी। रातभर मौसम ठीक रहा, लेकिन बुधवार दोपहर बाद तीन घंटे तक हुई बर्फबारी से ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। यहां अधिकतम आठ और न्यूनतम तापमान माइनस सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

बर्फ का लुत्फ उठाने के लिए पर्यटक उमड़े

चमोली जिले में बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, फूलों की घाटी, औली, गौरसों बुग्याल, नंदा घुंघटी, मलारी और तिब्बत (चीन) सीमा क्षेत्र में बुधवार को दिनभर रुक-रुककर बर्फबारी होती रही। औली में पिछले तीन दिनों से हो रही बर्फबारी से पर्यटकों और पर्यटन से जुड़े व्यवसायियों के चेहरे खिल उठे हैं। औली में बर्फ का लुत्फ उठाने के लिए पर्यटक उमड़ने लगे हैं।

औली पहुंचे लखनऊ के पर्यटक उमंग, शनि और ऋचा शर्मा का कहना है कि उन्होंने पहली बार इतनी करीब से बर्फबारी का नजारा देखा है। पर्यटन कारोबारी महेंद्र भुजवाण, संजय और अभिषेक का कहना है कि इस बार दिसंबर माह के दूसरे सप्ताह में ही औली में हो रही बर्फबारी अच्छा संकेत है। इससे पर्यटकों की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद है। थर्टी फर्स्ट और क्रिसमस के मौके पर औली में पर्यटकों की अच्छी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है।  
 

बारिश बर्फबारी से तापमान में जबर्दस्त गिरावट

उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम समेत तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाके बर्फ की सफेद चादर से ढक गए हैं। बारिश बर्फबारी से तापमान में जबर्दस्त गिरावट के साथ सर्द हवाओं से हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ रही है। यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम समेत ऊंचाई वाले इलाके बीते तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही बर्फबारी के चलते बर्फ की आगोश में समा गए हैं।

बुधवार को हर्षिल, सुक्की, खरसाली, चौरंगी, राड़ी टॉप आदि समुद्र सतह से ढाई हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ की फुहारें पड़ीं। हालांकि दोपहर में बादलों के बीच धूप खिलने के कारण यहां बर्फ ज्यादा देर टिकी नहीं। जिला मुख्यालय एवं आसपास के क्षेत्रों में ही अधिकतम तापमान 11 और न्यूनतम 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बर्फबारी वाले इलाकों में पारा शून्य से नीचे रहा। 

बर्फ से ढके पर्यटक स्थल
मंगलवार रात को हल्की बारिश से कर्णप्रयाग, सिमली, गौचर आदि घाटी वाले स्थान शीतलहर की चपेट में हैं। मुख्य पर्यटन स्थल रूपकुंड, वेदनी, आली, बगली, ब्रहमताल बर्फ से ढक गए हैं। वाण के हीरा बुग्याली ने बताया कि क्षेत्र के सभी पर्यटक स्थलों और बुग्यालों में हो रही बर्फबारी से हिमालयी क्षेत्र के वाण, घेस, हिमनी, पिनाऊं, बलाड़ सहित कई गांव शीत लहर की चपेट में हैं।

चकराता की चोटियों ने ओढ़ी बर्फ की चादर 

जौनसार बावर क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी की राह तक रहे लोगों के लिए बुधवार का दिन खास रहा। सुबह सात बजे मौसम के करवट बदलते ही कुछ देर हल्की बारशि के बाद चकराता, नागथात, कथियान आदि क्षेत्रों की ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी होने लगी। कोटी कनासर, लौहारी और लोखंडी समेत आस पास की ऊंची चोटियां बर्फ से ढक गईं। इससे तापमान में गिरावट से ठंड बढ़ गई। वहीं, इस सीजन की पहली बर्फबारी से स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों के चेहरे खिल गए हैं। चकराता और लोखंडी की ऊंची चोटियों पर तीन इंच से लेकर एक फिट तक हिमपात हुआ है। इसके अलावा कालसी, साहिया, विकासनगर, हरर्बटपुर, डाकपत्थर, कटापत्थर आदि क्षेत्रों में सुबह पांच बजे हुई बारिश से मौसम ठिठुरन भरा हो गया।

यहां बर्फ से ढकीं चोटियां
मुंडाली, देववन, कथियान, प्यूनल, डेरसा, भरम, कुनैन, लोखंड़ी, कुराड़, कोटी कनासर, लोहारी, बुधेर, मोयला टॉप सहित कई स्थानों पर हिमपात हुआ है। चकराता बाजार में तीन इंच और ऊंची चोटियों में एक फिट से अधिक बर्फबारी हुई है। लोखंडी, शिलगूर चोटी व नगाह डांडा में जमकर बर्फबारी हुई। 

हिमपात से ये मार्ग हुए बंद 
जौनसार बावर में बर्फबारी के कारण चकराता-लोखंड़ी मार्ग, देववन-खडांबा-मुंडाली, बुधेर और मोयला टॉप मार्ग बंद हो गया है।  

बारिश से फसलों को होगा फायदा

बारिश से मटर और गेंहू की फसल को फायदा होगा। खासकर जौनसार बावर क्षेत्र में फसलें बारिश पर निर्भर हैं। किसानों का कहना है कि बारिश उनकी फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी। किसान परम सिंह बिष्ट, रण सिंह चौहान, भगत सिंह, सूरत सिंह आदि का कहना है कि इस बार गेंहू के बजाए अधिकतर किसानों ने मटर की बुआई की है। बारिश नहीं होने से फसल खराब होने लगी थी। उद्यान प्रभारी साहिया डॉ. राम कुमार ने कहा कि बारिश से मटर का उत्पादन बढ़ेगा। वहीं, बर्फबारी सेब की फसल के लिए फायदेमंद है।

धनौल्टी में हुई मौसम की पहली बर्फबारी 

बुधवार तड़के मौसम के एकाएक करवट बदलने से टिहरी जिले में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। पर्यटक स्थल धनौल्टी और आसपास के क्षेत्रों में सुबह 10 बजे के लगभग मौसम की पहली बर्फबारी हुई है। लेकिन बर्फ ज्यादा देर टिक नहीं पाई। अपराह्न ढाई बजे धनौल्टी, चंबा औ नई टिहरी क्षेत्र में रिमझिम बारिश भी हुई। जिससे तापमान में गिरावट आई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने से तापमान में 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।

बुधवार को नई टिहरी का अधिकतम तापमान 8.8 और न्यूनतम 4.0 डिग्री सेल्सियस रहा। मसूरी-धनौल्टी मार्ग पर हल्की बर्फबारी वाहन चालकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। चंबा से जौनपुर बारात लेकर जा रही टाटा सूमो संख्या यूके 07 टीए-7122 लामणीधार के समीप फिसलकर पैराफिट से जा टकराई। वाहन में सवार 12 लोगों की जान बाल-बाल सकुशल बच गई। बाद में वाहन को सीधा कर बाराती अपने गतंव्य की ओर रवाना हुए।
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कुमाऊं में बूंदाबांदी से बढ़ी ठंड

कुमाऊं मंडल में बुधवार की सुबह ने पहाड़ से तराई तक कड़ाके की ठंड का अहसास कराया। कई क्षेत्रों में हुई बूंदाबांदी के बीच लोग घर, दफ्तर और दुकानों में हीटर और अलाव सेंकते नजर आए। कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग के नाभीढांग से लिपूपास के बीच करीब पांच फुट तक हिमपात हुआ है। मुक्तेश्वर में बुधवार शाम हल्की बूंदाबांदी के साथ बर्फ के फाहे भी गिरे। उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम के बिगड़ते मिजाज और लगातार हो रहे हिमपात के बीच बार्डर आउट पोस्टों पर तैनात हिमवीरों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। 

अल्मोड़ा, रानीखेत, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल से लेकर ऊधमसिंह नगर जिले में दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर दो बजे के करीब हुई बूंदाबांदी से मौसम में ठंड बढ़ गई। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रोद्योगिक विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि पर्वतीय जिलों में करीब दो हजार मीटर ऊंचाई पर जारी बर्फबारी के साथ ही पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से तराई में बूंदाबांदी हुई।

बृहस्पतिवार को भी जिले के कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी हो सकती है। उधर उच्च कुमाऊं के उच्च हिमालयी क्षेत्रों के अलावा गढ़वाल में केदारनाथ, बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब और औली में हुई जबर्दस्त बर्फबारी के बाद नैनीताल और आसपास के इलाकों में भी क्रिसमस से पहले-पहले बर्फबारी की उम्मीद बढ़ गई है। मुक्तेश्वर में बुधवार शाम को हल्की बूंदाबांदी के साथ ही बर्फ के फाहे भी गिरे। ठंड के चलते सैलानी भी होटलों में ही ठहरे। इसके अलावा धानाचूली, रामगढ़, भवाली, पहाड़पानी और धारी में मौसम काफी सर्द रहा।
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