देवभूमि उत्तराखंड में अप्रैल के महीने में अचानक ठंड लौट आई है। जी, हां दो दिन से हो रही बर्फबारी और बारिश से ऐसा संभव हुआ है।
चमोली जिले में बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, रुद्रनाथ, नंदा घुंघटी सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दूसरे दिन भी दोपहर बाद बर्फबारी हुई, जबकि निचले क्षेत्रों में दिनभर मौसम खराब रहा।
मौसम में आए बदलाव से अचानक ठंड लौट आई है। जोशीमठ, पोखरी, घाट, नंदप्रयाग, पीपलकोटी क्षेत्र में भी दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने से जोशीमठ और गोपेश्वर में ठंडी हवाएं चलती रही।
हिमपात, ओलावृष्टि और बारिश ने बदला मौसत
hailstorm
कुमाऊं के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बुधवार को हिमपात जबकि अंधड़ के साथ निचले इलाकों में ओलावृष्टि और बारिश हुई। ओलावृष्टि से कई जगह फसलों को भारी नुकसान हुआ।
कुमाऊं के चारों पर्वतीय जिलों में दोपहर के समय अचानक मौसम बदल गया। अंधड़ के बारिश और ओलावृष्टि शुरू हो गई है। पिथौरागढ़, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, डीडीहाट, मुनस्यारी, धारचूला समेत जिले भर में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई।
ओलावृष्टि से मुनस्यारी, बेड़ीनाग, अस्कोट बागेश्वर जिले की कपकोट और कांडा तहसील के गांवों में गेहूं, जौ और मसूर की फसल को नुकसान हुआ है। अल्मोड़ा और चंपावत जिले के कई क्षेत्रों में भी जमकर बारिश हुई। सवोवर नगरी नैनीताल दिनभर बदली छाए रहने के बाद शहर में शाम साढ़े चार बजे बाध 20 मिनट पानी बरसा। इधर, बारिश से जंगलों की आग बुझने से वन विभाग ने राहत की सांस ली।