ताजा बर्फबारी के साथ ही गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे सहित करीब आधा दर्जन संपर्क मार्ग आंशिक रूप से अवरुद्ध हो गए हैं। बीआरओ, एनएच व लोनिवि के कर्मचारी मुस्तैदी के साथ अवरुद्ध मार्गों पर यातायात सुचारु करने में जुटे हुए हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश व बर्फबारी के चलते फिलहाल अधिकांश मार्गों पर यातायात जोखिम भरा बना हुआ है। इससे बर्फ की आगोश में कैद ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
बुधवार देर शाम से ही जनपद के 2000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी व निचले क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जिससे जिले के 100 से अधिक गांव बर्फ की आगोश में समाने के साथ ही यातायात आदि बुनियादी सुविधाएं प्रभावित होने लगी हैं। आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार यमुनोत्री हाईवे पर फूलचट्टी से जानकीचट्टी तक यातायात ठप पड़ गया है, जबकि हाल ही में सुचारु किए गए गंगोत्री हाईवे पर सोनगाड़ से आगे मार्ग जोखिम भरा होने के कारण यातायात अवरुद्ध है। वहीं कमद-अयांरखाल, नैटवाड़-सेवा, मोरी-सांकरी, पासा-पैंसर सहित आधा दर्जन संपर्क मार्ग भी बर्फबारी के कारण बंद हो गए हैं।
ऐसे में लगातार हो रही बर्फबारी को देखते हुए ऊंचाई वाले स्थानों पर मौजूद कई अन्य मोटर मार्गों के अवरुद्ध होने की आशंका बनी हुई है। हालांकि अभी तक विद्युत व दूरसंचार व्यवस्था सुचारु रहने से ग्रामीणों को कुछ राहत मिली है, जबकि बीआरओ, एनएच व लोनिवि के कर्मचारी भी लगातार अवरुद्ध मार्गों को सुचारु करने में जुटे हैं। डीएम डा. आशीष चौहान ने संबंधित विभागों को व्यवस्थाएं सुचारु रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही किसी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित लोगों तक जल्द सहायता मुहैया कराने के भी आदेश दिए।
जिले के शीतकालीन अवकाश वाले 124 विद्यालयों में अवकाश की अवधि बढ़ा दी गई है। शासन ने शीतकालीन अवकाश वाले आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में सात फरवरी तक छुट्टी घोषित कर दी है। स्कूलों और उन तक पहुंचने वाले रास्तेे बर्फ से ढके होने के कारण डीएम की मांग पर शासन ने यह निर्णय लिया है।
जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के चलते विद्यालयों में शीतकालीन अवकाश की व्यवस्था है। गंगा घाटी में उपला टकनौर, यमुनोत्री क्षेत्र, पुरोला ब्लाक के सरबडियार और मोरी ब्लाक के सुदूरवर्ती गांवों में 10 माध्यमिक, 22 जूनियर हाईस्कूल और 92 प्राथमिक विद्यालयों में 31 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश घोषित था। इन क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में भी यही व्यवस्था थी।
एक फरवरी से इन विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों को खुलना था, लेकिन अब 7 फरवरी तक छुट्टी रहेगी। ऐसे स्कूलों में छात्रों के साथ ही शिक्षकों की भी छुट्टी रहेगी। यह अतिरिक्त अवकाश उनके ग्रीष्मकालीन अवकाश में समायोजित कर दिया जाएगा।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शिक्षा विभाग से शीतकालीन अवकाश वाले विद्यालयों की सूची मांगी थी। उन्होंने शासन से इन विद्यालयों में शीतकालीन अवकाश की अवधि सात दिन और बढ़ाने की अनुमति मांगी थी। जिसपर शासन ने सात फरवरी तक शीतकालीन अवकाश बढ़ा दिया है।
- आरसी आर्य, मुख्य शिक्षा अधिकारी, उत्तरकाशी