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उत्तराखंडः धारचूला में आया बर्फीला तूफान, कई लोग दबे

Tue, 03 Mar 2015 04:58 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, विकासनगर-चकराता
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लगातार दो दिनों से हुई बारिश के बाद मंगलवार की सुबह उत्तराखंड के धारचूला में बर्फीला तूफान चला। तूफान में आठ लोगों के दबने की खबर है। जिन्हें बचाने के लिए बचाव दल मौके पर पहुंच गया है।
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उधर, उत्तराखंड में लगातार दूसरे दिन भी बारिश-बर्फबारी जारी रहने से देहरादून जिले के जौनसार बावर और पछवादून क्षेत्र में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा।

सोमवार को ऊंची चोटियों के साथ ही तलहटी में बसे गांव भी बर्फ से लकदक हो गए। यहां करीब एक फीट तक बर्फबारी हुई। चकराता छावनी बाजार में भी पहले फुहारें गिरीं और बाद में बर्फबारी हुई। वहीं, विकासनगर समेत अन्य मैदानी इलाकों में दिनभर बारिश ने परेशानी बढ़ाई।

मौसम के बिगड़े मिजाज के चलते पहाड़ से मैदान तक लोग घरों में कैद होकर रह गए। ठंड में इजाफा होने से हीटर और अलाव का सहारा लेना पड़ा। चकराता का अधिकतम तापमान 03 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 01 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जगह-जगह मलबा आने और जलभराव के कारण भी परेशानी उठानी पड़ी।
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चोटियों के साथ तलहटी भी बर्फ के आगोश में
सोमवार को चकराता छावनी बाजार के साथ ही मोइला टॉप, लोखंडी, कनासर, बुधेर, देववन, मोल्टा, खादरा, कांडीधार, बालचा, भौगीदार, केदारकांटा, चाईशील समेत ऊंची चोटियां पूरी तरह बर्फ से ढक गईं।

वहीं, तलहटी में बसे कथियान, चौरीलाड़ी, डेरसा, प्यूनल, बागिया, ठारठा, पुनिंग, बेगी, बागणी, बुल्हाड़, डीडा, रजाणू समेत 24 से अधिक गांवों में एक फीट तक बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। भरम क्षेत्र के 14 गांव तो पूरी तरह से बर्फ के आगोश में कैद हो गए हैं।

भारी बारिश से पहाड़ से लेकर तराई-भाबर तरबतर

पिथौरागढ़/चंपावत/अल्मोड़ा/नैनीताल

उत्तराखंड के कुमाऊं में सोमवार को दूसरे दिन भी बारिश जारी रहने से पहाड़ से लेकर तराई-भाबर बारिश से तरबतर हो गया है। इससे जहां पूरे कुमाऊं में जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा, वहीं ठंड भी फिर से लौट आई है।

पंतनगर विवि के मौसम वैज्ञानिक डा. एचएस कुशवाहा के अनुसार तराई-भाबर में बारिश ने नौ वर्षों का रिकार्ड तोड़ दिया। दो दिनों के भीतर 28 मिलीमीटर बारिश हुई और अधिकतम तापमान छह डिग्री से नीचे गिरा गया।। इससे पूर्व एक मार्च 2014 में 25 मिलीमीटर बारिश हुई थी। बारिश से गेहूं के साथ आलू की फसल को खासा नुकसान पहुंचा है।

पिथौरागढ़ जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जमकर हिमपात हुआ है। मिलम में पांच फीट, गुंजी में तीन फीट तक बर्फ गिरी है। धारचूला तहसील में रूंग, सिर्खा तक बर्फ गिर चुकी है। कैलाश मानसरोवर मार्ग भी पूरी तरह से बर्फ से ढक गया है।
मौसम विभाग के निदेशक डॉ. आनंद शर्मा ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता का असर मंगलवार तक बना रहेगा। आगे भी हल्की बारिश की संभावना है।

दूसरी ओर, डीएम सुशील कुमार ने मौसम विभाग के 3000 मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में हिमस्खलन, बर्फीला तूफान आने की चेतावनी के मद्देनजर अलर्ट जारी किया है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में तैनात आईटीबीपी और एसएसबी के जवानों को सतर्क किया गया है।
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शारदा का जलस्तर बढ़ने की आशंका से हाई अलर्ट

पिछले 36 घंटे में पिथौरागढ़ जिले में 33 मिमी और चंपावत में 46, नैनीताल में 40 मिलीमीटर बारिश, अल्मोड़ा में 48 घंटे में 40 मिमी और बागेश्वर में सात मिमी और ऊधमसिंहनगर जिले में 23.6 मिली बारिश दर्ज की गई। इधर बारिश के चलते नैनीझील का स्तर एक फीट तक बढ़ गया है।

नैनीताल जिले में बारिश से भवाली-मुक्तेश्वर, तल्ला रामगढ़-रातीघाट, मंगोली-थापला, भवाली सेनिटोरिम से सिराड़ी गांव को जाने वाला मार्ग जगह-जगह पर मलबा आने से बंद हो गया है।

भारी बारिश के चलते थल-मुनस्यारी सड़क कालामुनी में बर्फबारी के चलते बंद हो गई हैं जबकि पिथौरागढ़-अल्मोड़ा सड़क के साथ ही कई आंतरिक सड़कें मलबा आने से बंद हो गईं हैं। रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से नाचनी क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा के लिए बनाए जा रहे तटबंधों के बहने का खतरा पैदा हो गया है।

बारिश से सभी नदी, नालों का जल स्तर बढ़ गया है। भवाली अल्मोड़ा-राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज बारिश के चलते कई जगहों पर पहाड़ी से पत्थरों की बरसात होती रही।  कैंची में स्कार्पियो पर पत्थर गिरने से चालक घायल हुआ है जबकि तीघाट-बेतालघाट रोड में शिव मंदिर के पास टाटा स्पैसियो पर पत्थर गिरने से शीशा टूट गया।

लगातार बरसात को देखते हुए डीएम नैनीताल ने तीन मार्च को कक्षा आठ तक स्कूलों को बंद करने के आदेश किए हैं। पिथौरागढ़, चंपावत में और बागेश्वर में भी 12वीं तक के स्कूल मंगलवार तीन मार्च को बंद रहेंगे। चंपावत जिले में शारदा का जलस्तर बढ़ने की आशंका से हाई अलर्ट, खनन क्षेत्र में बसे मजदूरों को धर्मशालाओं में दिलाई गई है।
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