लगातार दो दिनों से हुई बारिश के बाद मंगलवार की सुबह उत्तराखंड के धारचूला में बर्फीला तूफान चला। तूफान में आठ लोगों के दबने की खबर है। जिन्हें बचाने के लिए बचाव दल मौके पर पहुंच गया है।
उधर, उत्तराखंड में लगातार दूसरे दिन भी बारिश-बर्फबारी जारी रहने से देहरादून जिले के जौनसार बावर और पछवादून क्षेत्र में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा।
सोमवार को ऊंची चोटियों के साथ ही तलहटी में बसे गांव भी बर्फ से लकदक हो गए। यहां करीब एक फीट तक बर्फबारी हुई। चकराता छावनी बाजार में भी पहले फुहारें गिरीं और बाद में बर्फबारी हुई। वहीं, विकासनगर समेत अन्य मैदानी इलाकों में दिनभर बारिश ने परेशानी बढ़ाई।
मौसम के बिगड़े मिजाज के चलते पहाड़ से मैदान तक लोग घरों में कैद होकर रह गए। ठंड में इजाफा होने से हीटर और अलाव का सहारा लेना पड़ा। चकराता का अधिकतम तापमान 03 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 01 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जगह-जगह मलबा आने और जलभराव के कारण भी परेशानी उठानी पड़ी।
चोटियों के साथ तलहटी भी बर्फ के आगोश में
सोमवार को चकराता छावनी बाजार के साथ ही मोइला टॉप, लोखंडी, कनासर, बुधेर, देववन, मोल्टा, खादरा, कांडीधार, बालचा, भौगीदार, केदारकांटा, चाईशील समेत ऊंची चोटियां पूरी तरह बर्फ से ढक गईं।
वहीं, तलहटी में बसे कथियान, चौरीलाड़ी, डेरसा, प्यूनल, बागिया, ठारठा, पुनिंग, बेगी, बागणी, बुल्हाड़, डीडा, रजाणू समेत 24 से अधिक गांवों में एक फीट तक बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। भरम क्षेत्र के 14 गांव तो पूरी तरह से बर्फ के आगोश में कैद हो गए हैं।