देहरादून की कॉलोनियों में जहरीले सांपों के घुसने की घटनाएं बढ़ रही हैं। करैत, वाइपर और कोबरा सांप जो पहले शहर के कुछ खास इलाकों में मिलते थे, अब अन्य स्थानों पर भी दिखने लगे हैं।
जाखन और सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र ही करैत सांपों का वास स्थल माना जाता है, लेकिन अब ये सांप कारगी, बंजारावाला, क्लेमेंटाइन आदि क्षेत्रों में दिख रहे हैं। सांपों के घरों में घुसने की घटनाओं से चिंतित वन विभाग कर्मचारियों को सांप पकड़ने का प्रशिक्षण दिला रहा है। अब तक डेढ़ सौ वनकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
सांपों के घरों में घुसने की घटनाओं के मद्देनजर अब तक वन विभाग के मसूरी प्रभाग और दून प्रभाग के वनकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
वनकर्मियों को प्रशिक्षण दे रहे इफैक्ट संस्था के संयोजक और सांप पकड़ने के विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक सिंह ने बताया कि चकराता प्रभाग, हरिद्वार, नरेंद्र नगर और कोटद्वार के वनकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। डॉ. सिंह ने बताया कि दो दिन पहले करागी क्षेत्र में करैत को रेस्क्यू किया है।
यह सांप पहले जाखन और सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र में ही रेस्क्यू किया जाता रहा। साथ ही एक दो स्थानों पर वाइपर भी मिला है। उन्होंने बताया कि जंगल क्षेत्र में आबादी बसने से मानव-सर्प संघर्ष की स्थिति पैदा हो जाती है।
कुछ महीनों पहले मच्छी बाजार और पटेलनगर में दुकान से किंग कोबरा को पकड़ा था। इस दुर्लभ सांप का आबादी में मिलना हैरत की बात है। सांपों को प्रशिक्षण दिलाने के प्रभारी डीएफओ पीके पात्रो ने बताया कि हर वन प्रभाग में सांप रेस्क्यू करने के प्रशिक्षित कर्मचारी रहेंगे।
धामन सांप निकला, हड़कंप
निरंजनपुर सब्जी मंडी क्षेत्र में धामन सांप निकलने से हड़कंप मच गया। सांप बालेंद्र सिंह के घर पर निकला था। क्षेत्रीय पार्षद सतीश कश्यप ने बताया कि सांप निकलने की सूचना वन विभाग को दी गई, लेकिन बहुत देर के बाद एक कर्मचारी आया। तब तक सांप भाग गया था। सांप निकलने से मोहल्ले में दहशत का माहौल पैदा हो गया।