खास बात यह है कि स्मार्ट राशन कार्ड में क्यूआर कोड होगा। जिससे उपभोक्ता प्रदेश के किसी भी सस्ते गल्ले की दुकान से सस्ता राशन प्राप्त कर सकते हैं। स्मार्ट कार्ड आधार नंबर से लिंक होने से सस्ता राशन वितरण में फर्जीवाड़ा रुकेगा। बता दें कि प्रदेश भर में अब तक 45 प्रतिशत राशन कार्डों को आधार नंबर से लिंक किया जा चुका है।
स्मार्ट राशन कार्ड बनाने के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। नवंबर माह से प्रदेश भर में स्मार्ट राशन कार्ड बनाने का शुरू किया जाएगा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए पहली बार स्मार्ट राशन बनाए जा रहे हैं। इससे यह पता लगेगा कि पात्र उपभोक्ता ने ही राशन लिया है या नहीं।
-सुशील कुमार, सचिव, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग