रेणुका परियोजना (40 मेगावाट) हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जनपद के गिरी नदी में स्थित बहुउद्देशीय परियोजना है। इस परियोजना में 148 मीटर ऊंचा रॉक फिल बांध प्रस्तावित है। परियोजना की कुल लागत 4596.76 करोड़ रुपये है। इस परियोजना के जलाशय में 514.32 एम.सी.एम जल का संग्रहण किया जा सकेगा। परियोजना को वर्ष 2008 में राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया था। ऐसे में परियोजना के जल घटक का 90 प्रतिशत अनुदान केंद्र सरकार के स्तर पर दिया जाना है। इस परियोजना का निर्माण, परिचालन और अनुरक्षण हिमाचल प्रदेश पावर कारपोरेशन लि. करेगा।
वर्ष 1994 में परियोजना से मिलने वाले जल के बंटवारे हेतु हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश एवं दिल्ली के मध्य अनुबंध हस्ताक्षरित किया गया था। इसके बाद ऊपरी यमुना नदी में प्रस्तावित विभिन्न परियोजनाओं पर क्रियान्वयन की कार्रवाई सालों से लंबित थी। कतिपय संशोधन कर अपर यमुना रिवर बोर्ड के स्तर पर अप्रैल 2018 में रेणुका बहुउद्देशीय परियोजना के समझौता प्रपत्र सभी लाभान्वित राज्यों को अनुमोदन हेतु प्रेषित किया गया था। इस परियोजना हेतु उत्तराखंड शासन ने 15 अक्टूबर 18 को अपनी अनापत्ति अपर यमुना रिवर बोर्ड को प्रेषित की थी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि एमओयू होने से रेणुका परियोजना की राह खुल गई है।