उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी में कोहराम थमने का नाम नहीं ले रहा। आप ने छह पदाधिकारियों को अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियां करने पर निष्कासित कर दिया है। प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मुकेश अग्रवाल की मानें तो अभी और कार्यकर्ताओं पर गाज गिरेगी।
आप मीडिया प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मुकेश अग्रवाल ने बताया कि पिछले कई दिनों से कुछ लोग लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियां कर रहे थे। इसके साथ ही वे खुलेआम पार्टी के खिलाफ बयानबाजी भी कर रहे थे। इसे अनुशासनहीनता मानते हुए प्रदेश कार्यसमिति ने साक्ष्य सहित अनुशासन समिति को नाम सौंपे थे।
अनुशासन समिति ने तथ्यों की जांचकर इन सभी को अनुशासनहीनता का दोषी पाया। ओंकार भाटिया, कमल देवराड़ी, भास्कर चुग, मनोज द्विवेदी, गिरीश मलकानी, समीर मुंडेपी ने लगातार सार्वजनिक तौर पर पार्टी विरोधी बयानबाजी की। उनका कहना था कि अभी कई और कार्यकर्ता अनुशासनहीनता बरत रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ भी कार्यवाही होगी।
उधर पार्टी से निष्कासित कार्यकर्ताओं में वरिष्ठ पदाधिकारी कमल देवराड़ी ने बताया कि आम आदमी पार्टी ने अपनी दिशा खो दी है। उत्तराखंड प्रभारी विवेक यादव बौखला कर इस तरह के कदम उठा रहे हैं। हमें न कोई नोटिस थमाया, न ही सुनवाई ही हुई और बस पार्टी से निष्कासन का आदेश जारी कर दिया गया। यह कदम पूरी तरह से पार्टी के संविधान का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में कई भ्रष्ट लोग आ गए हैं जो पार्टी को निजी जागीर बनाना चाहते हैं।
असल वजह तो धन और माया की है
पार्टी ने निकाले गए कार्यकर्ताओं का कहना था कि विवाद की जड़ कुछ पार्टी नेताओं का भ्रष्ट होना है। कई लोग प्रदेश सरकार के इशारों पर काम कर रहे हैं। आप के कई नेता कांग्रेस के एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं। इसमें बड़ा भ्रष्टाचार छिपा है। इस मामले का खुलासा जल्द किया जाएगा। सत्ताशीन कई भ्रष्ट नेता व अधिकारी आप नेताओं को फाइनेंस कर रहे हैं। वे आप को भ्रष्ट पार्टी में तब्दील करने में लगे हैं। आप के एक गुट ने जब सीबीआई एसपी को ऊर्जा निगम की जांच सौंपी तो भ्रष्ट तत्व बौखला गए।