आरोप है कि घटना में एक आरोपी सिपाही की पत्नी का भाई है। कहा जा रहा है कि पुलिस और उच्चाधिकारी सिपाही पर उसे गिरफ्तार कराने का दबाव बनाने लगे। सिपाही का कहना है कि इस मामले में न तो उसकी कोई सिफारिश है और न ही उसे या उसके परिवार का कोई लेनादेना है।
भाजयुमो अध्यक्ष पक्ष के लोगों के सिपाही पर जबरन दबाव बनाने पर शनिवार को उसने पत्नी से ही संबंध विच्छेद करने की ठान ली। इससे परेशान पत्नी अपने तीन बच्चों के साथ कोतवाली पहुंची और कोतवाल सलाहउद्दीन से न्याय की गुहार लगाई। कहा कि उसके दो बच्चे बीमार हैं और अगर कुछ हो गया तो इसके जिम्मेदार नेता या पुलिस होगी।
सभासदों के साथ कोतवाली पहुंचे पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे ने कहा कि जब पुलिस ने आरोपियों का नॉन बेलेवल वारंट ले लिया तो उसके परिवार को परेशान करना ठीक नहीं है। कोतवाल और जनप्रतिनिधियों ने महिला को अब उसके परिवार को परेशान न करने का आश्वासन दिया और सिपाही को कोतवाली बुलाकर महिला और उसके बच्चों को उनके साथ भेजा। वहां सभासद रवि रस्तोगी, बीडीसी मृदुल त्रिपाठी, ताहिर मलिक, जिलानी अंसारी, सलीम रिजवी, मुख्त्यार अंसारी, व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय गोयल आदि थे।