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आमरण अनशन तुड़वाया तो बाल मुंडवाए

Fri, 30 Jan 2015 09:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कीर्तिनगर
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उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल के मलेथा में स्टोन क्रशर के विरोध में आमरण अनशन पर बैठी आंदोलनकारी सीता देवी को शुक्रवार को प्रशासन ने तड़के पांच बजे धरना स्थल से उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया।
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इसके बाद समीर रतूड़ी ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। प्रशासन की कार्रवाई से आक्रोशित महिलाओं ने दिन में क्रशर की ओर जा रहे ट्रकों को रोक दिया। ग्रामीणों की मांग की अनदेखी करने के विरोध में सात आंदोलनकारियों ने बाल मुंडवा दिए।

22 दिसंबर से मलेथा के लोग स्टोन क्रशर के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। 20 दिसंबर से 50 वर्षीय सीता देवी आमरण अनशन पर बैठी थीं। आंदोलनकारी के स्वास्थ्य में गिरावट को देखते हुए शुक्रवार तड़के पांच बजे एसडीएम दीपेंद्र नेगी और कोतवाल एएस रावत के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम और पुलिस बल ने उन्हें अनशन स्थल से उठाकर बेस अस्पताल में भर्ती कर दिया।
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वहां चिकित्सकों ने उनको ड्रिप चढ़ाई। सीता देवी को अनशन स्थल से उठाने की खबर गांव में पहुंचते ही महिलाएं धरना स्थल  की ओर दौड़ पड़ीं। उन्होंने टिहरी मोटर मार्ग पर आने-जाने वाले ट्रकों के आगे खडे़ होकर उनको रोकना शुरू कर दिया। शाम तक महिलाओं ने  छह ट्रकों को कब्जे में ले लिया।
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विरोधस्वरूप बाल मुंडवाए

पूर्वाह्न 11 बजे ग्राम प्रधान शूरवीर बिष्ट, देवी सिंह, दिनेश भट्ट, हरीश लाल, भूपति राणा, कीर्ति सिंह नेगी और बलवंत सिंह ने सरकार की अनदेखी पर विरोधस्वरूप बाल मुंडवाए। दोपहर 12 बजे से हिमालय बचाओ आंदोलन के कोर कमेटी सदस्य समीर रतूड़ी आमरण अनशन पर बैठ गए। जबकि विजय सिंह, कीर्ति सिंह, राजेंद्र और विधाता देवी क्रमिक अनशन पर बैठे।

पूर्व राजस्व मंत्री दिवाकर भट्ट आंदोलनकारियों से वार्ता करने धरना स्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों ने रोष जताया कि आंदोलन के बावजूद सरकार उनकी नहीं सुन रही है। ग्रामीणों ने कहा कि एक गांव में चार स्टोन क्रशर की अनुमति दी गई। इससे उनकी खेती बर्बाद हो जाएगी। भट्ट ने ग्रामीणों से शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन चलाने की अपील की। कहा कि ग्रामीण कानून अपने हाथ में न लें। वह स्वयं इस संबंध में मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगे।

दूल्हा भी बैठा धरने पर
अपनी जीवन साथी लाने से पहले एक दूल्हे ने धरनास्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों को समर्थन दिया। बृहस्पतिवार शाम गांव के नरेंद्र की बारात डांग गांव जानी थी। रवाना होने से पहले नरेंद्र दूल्हे के परिधान में धरनास्थल पर पहुंचा और करीब आधा घंटे सांकेतिक धरना दिया।

आइसा ने की निंदा
छात्र संगठन आइसा ने अनशनकारी को जबरन उठाने की निंदा की है। संगठन के अतुल सती, आनंद बिष्ट, अभिषेक जोशी और सुमित रिंगवाल ने कहा कि सरकार जायज मांग मानने के बजाय दमन की कार्रवाई कर रही है।

सीता देवी को महिला कांस्टेबलों ने शांतिपूर्वक ढंग से उठाया। उनके साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं किया गया। स्वास्थ्य को देखते हुए यह कदम उठाना पड़ा।-  दीपेंद्र नेगी, एसडीएम कीर्तिनगर
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