डेढ़ सौ करोड़ से ज्यादा के छात्रवृत्ति घोटाले की जांच विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) करेगी। मुख्यमंत्री ने मंगलवार शाम को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। सीएम ने यह भी निर्देश दिए हैं कि तीन माह के भीतर जांच रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
गौरतलब है कि छात्र-छात्राओं के फर्जी दस्तावेज के आधार पर बिचौलियों की मदद से समाज कल्याण विभाग और कालेज संचालकों ने इस घपले को अंजाम दिया है।
शासन खुद इस बात को स्वीकार कर चुका है और बीते दिनों छात्रवृत्ति देने के नियमों में काफी सख्ती की है। इसके पूर्व विजिलेंस और अपर सचिव स्तर से जांच में घपले की पुष्टि हो चुकी है। मगर अब मुख्यमंत्री स्तर से कार्रवाई की तैयारी होने के चलते मामले के दोषियों पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है।
वहीं स्कूलों में फर्जी डिग्रियों और दस्तावेज के आधार पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों के मामले में विजिलेंस जांच के आदेश भी सीएम ने किए हैं। अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने बताया कि दोनों ही मामलों की फाइल संबंधित विभागों को भेजी जा रही है, जहां से आगे की कार्रवाई की जाएगी।