रुड़की स्थित एक उच्च तकनीकी शिक्षण संस्थान की छात्रा के डीन और प्रोफेसरों पर लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए एसएसपी ने सीओ कनखल के नेतृत्व में तीन सदस्यीय एसआईटी टीम का गठन कर दिया है। सीओ कनखल एसके सिंह ने कोतवाली सिविल लाइंस पहुंचकर पीड़ित छात्रा के बयान दर्ज किए। साथ ही उसके परिजनों से भी बात की। वहीं दूसरी ओर छात्रा ने तहरीर में संस्थान के निदेशक, डीन, चार प्रोफेसरों पर उसका उत्पीड़न करने और दो बाइक सवार युवकों पर उसकी हत्या का प्रयास किए जाने का भी आरोप लगाया है।
शुक्रवार शाम को रुड़की स्थित एक उच्च तकनीकी शिक्षण संस्थान की छात्रा ने कोतवाली सिविल लाइंस पहुंचकर तहरीर देकर बताया था कि वह संस्थान में 2015 से पढ़ रही है। जहां शोध कार्य के दौरान सुपरवाइजर ने दो साल तक उसका शारीरिक, मानसिक और यौन उत्पीड़न किया और अनुसूचित जाति संबंधित शब्दों का इस्तेमाल कर भेदभाव किया। आरोप लगाया कि दो छात्रों की मदद से राह चलते उसकी 10-10 मिनट की वीडियो भी बनाई गई।
उसने इसकी शिकायत डीन, महिला प्रकोष्ठ की प्रोफेसर और डायरेक्टर तथा एससी एसटी सेल से भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। छात्रा का कहना है कि उसका एक साल से शोध कार्य बंद है और फेलोशिप भी नहीं मिल रही है। उसने बताया है कि 14 दिसंबर को कैंपस में जब वह चाय पीने जा रही थी तो बाइक सवार दो युवकों ने उसे रोकना चाहा। उसने भागने का प्रयास किया तो बाइक सवारों ने उसका गला पकड़ लिया।
वहां मौजूद सफाई कर्मी भी इस घटना को देखकर चिल्लाया था। रविवार को कोतवाली पहुंची छात्रा और उसके परिजनों ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। वहीं, एसएसपी रिधिम अग्रवाल ने मामले में सीओ कनखल एसके सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच का गठन किया है। इसमें सीओ के अलावा रानीपुर कोतवाली प्रभारी साधना त्यागी, एवं कोतवाली सिविल लाइंस की महिला दारोगा मनसा ध्यानी को शामिल किया गया है। रविवार की शाम सीओ कनखल एसके सिंह ने छात्रा से मामले की विस्तृत जानकारी ली और बयान दर्ज किए। उन्होंने छात्रा को निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया है।