फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा में असली ओएमआर शीट सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने जांच के लिए रिकॉर्ड पुलिस साइबर सेल को सौंप दिया है। वहीं, आयोग परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन लेने जाने पर परीक्षा केंद्र के स्कूल प्रबंधन से जवाब तलब करेगा।
आयोग ने 16 फरवरी को प्रदेश के 376 परीक्षा केंद्रों पर फॉरेस्ट गार्ड के 1218 पदों की लिखित परीक्षा कराई थी। शाम को सोशल मीडिया पर ओएमआर शीट और परीक्षा देते समय एक उम्मीदवार के प्रश्नपत्र की फोटो वायरल हो गई थी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि परीक्षा केंद्र पर मोबाइल फोन के अलावा किसी प्रकार का इलेक्ट्रिॉनिक उपकरण ले जाना प्रतिबंध है। इसके बावजूद भी उम्मीदवार ने केंद्र में ओएमआर शीट की फोटो कैसे खींच ली? ऐसे तमाम सवाल है, जिनकी साइबर सेल जांच करेगी।
आयोग के सचिव संतोष बडोनी का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल ओएमआर शीट व प्रश्न पत्र से संबंधित रिकॉर्ड साइबर सेल को सौंप दिया है। सोशल मीडिया पर जिस उम्मीदवार की ओएमआर शीट वायरल हुई है। इसका परीक्षा केंद्र लक्ष्मण विद्यालय है। आयोग की ओर से स्कूल प्रबंधन से भी परीक्षा केंद्र में मोबाइल ले जाने को लेकर जवाब तलब किया जाएगा।
भाजपा नेता रविंद्र जुगरान ने फॉरेस्ट गार्ड परीक्षा निरस्त करने की मांग की है। उन्होंने परीक्षार्थियों के साथ उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग के सचिव से मुलाकात की। इस पर सचिव ने एसटीएफ की जांच के बाद कोई निर्णय लेने की बात कही है।
बुधवार को जुगरान ने बताया कि परीक्षा में हुई अनियमितता के लिए जनपदों के जिलाधिकारी से लेकर प्रदेश सरकार तक जिम्मेदार है। 13 जनपदों के 376 केंद्रों पर अनियमितताओं की भरमार है। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश पत्र के फोटो मिलान की कोई व्यवस्था ही नहीं थी। इस दौरान सचिव के साथ कई पहलुओं पर चर्चा हुई। सचिव ने कहा कि अभी साइबर सेल और एसटीएफ मामले की जांच कर रहीं हैं।
जांच के बाद जो निष्कर्ष निकलेगा उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इधर, उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने बृहस्पतिवार को लैंसडौन चौक पर आयोग का पुतला दहन किया। संघ अध्यक्ष बॉबी पंवार ने कहा कि इस परीक्षा में हुई अनियमितताओं पर मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है। जल्द आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। इस दौरान मातबर नेगी, सबल चौहान, निरंजन चौहान, विकास सेमवाल, दीपक आर्य, शैलेष सेमवाल आदि मौजूद रहे।