अपनी आवाज से दीवाना बना देने वाले इस नन्हे गायक की मां को देश की दुआएं भी बचा नहीं पाईं। लाइव हिंदुस्तान की खबर के मुताबिक द वॉयस इंडिया किड्स में देहरादून के दस साल के शौर्य नेगी की कैंसर से जूझ रही मां ने साथ छोड़ दिया।
द वॉयस इंडिया किड्स में शौर्य बैटल राउंड तक जगह बनाने में भी सफल रहे। दून के सरस्वती विहार बी ब्लाक, अजबपुर निवासी शौर्य नेगी मुंबई तक अपनी आवाल के जलवे बिखेर चुके हैं। शौर्य नेगी ओलंपस हाईस्कूल में पांचवीं में पढ़ते हैं।
एंड टीवी चैनल पर द वॉयस इंडिया किड्स में एंट्री लेकर वह धूम मचा चुके हैं। ब्लाइंड राउंड में वह शो के चारों जज को प्रभावित करने में कामयाब रहे थे और उन्होंने कोच के तौर पर गायक शान को चुना था।
शौर्य के आखिरी एपिसोड के दिन हुआ मां का निधन
ब्लड ट्रांसप्लांट के दौरान कैंसर पीड़ित मां की मौत
- फोटो : demo pic.
जब उनका चयन शो के लिए हुआ था, तो मां कैंसर से पीड़ित थी और हिमाचल में उनका इलाज चल रहा था। तब मां सरस्वती नेगी को भी शो में दिखाया गया था। पिछले शनिवार को शौर्य का आखिरी एपिसोड प्रसारित हुआ और उसी दिन दून अस्पताल में ब्लड ट्रांसप्लांट के दौरान कैंसर पीड़ित मां की मौत हो गई।
शौर्य के पिता वीरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि बड़ा बेटा 14 वर्षीय श्रेष्ठ नेगी का चयन राइजिंग स्टार शो में हुआ था, लेकिन मां की बीमारी के चलते वह उसमें शामिल नहीं हो पाया। वीरेंद्र नेगी ऑयल ब्रिक में काम करते थे, पत्नी की बीमारी के चलते पिछले एक साल से नौकरी छोड़कर पत्नी का इलाज करने के साथ ही बच्चों का भविष्य बनाने में लगे हैं।
वह कहते हैं कि श्रेष्ठ के शो में नहीं जाने का मलाल पत्नी को था, ऐसे में शौर्य का चयन इस शो के लिए हुआ तो मां की जिद पर ही उसे मुंबई ले गए। शो से विदा लेते वक्त गायक शान ने शौर्य की तारीफ की और गायकी में जल्द वापसी का भरोसा भी शौर्य दिलाया।