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‘सेमुलेटर ड्राइव टेस्ट’ के बाद ही बनेगा डीएल

Wed, 24 Feb 2016 10:00 AM IST
आशीष डोभाल/ अमर उजाला, देहरादून
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दुनिया के तमाम देशों सहित चंडीगढ़, दिल्ली, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक सहित कई राज्यों के बाद अब उत्तराखंड में भी चौपहिया वाहन का डीएल लेने के लिए ‘सेमुलेटर ड्राइव टेस्ट’ देना होगा।
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इसमें 70 प्रतिशत नंबर आने पर ही चौपहिया वाहन का ड्राइविंग लाइसेंस मिलेगा। आरटीओ कार्यालय के देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, रुद्रपुर, रुड़की, हल्द्वानी में मशीनें पहुंच चुकी हैं। उन्हें लगाने की तैयारी चल रही है।

उत्तराखंड में अभी तक मैनुअल टेस्ट ड्राइव के बाद आरटीओ की ओर से चौपहिया वाहन का ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) दिया जाता था। लेकिन अब चौपहिया वाहन के डीएल के लिए आवेदन करने वाले हर व्यक्ति को सेमुलेटर पर टेस्ट ड्राइव देना होगा। इस परीक्षा में अगर 70 प्रतिशत नंबर नहीं आए तो डीएल नहीं बन पाएगा।
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क्या है सेमुलेटर ड्राइव टेस्ट
सेमुलेटर एक ऐसी मशीन और सॉफ्टवेयर है, जिसमें आपको ऐसा अहसास होता है कि आप कोई चौपहिया वाहन चला रहे हैं। इसमें गाड़ी से संबंधित इंडिगेटर, सेफ्टी बेल्ट, वाइपर, डिपर, क्लच ब्रेक सहित चलाने की सारी सुविधाएं हूबहू होती हैं।

यह मशीन कम से कम 10 बाय 10 के कमरे में सेट होगी। उसके अंदर बैठने पर आपको असल में गाड़ी चलाने का आभास होगा। इस मशीन में करीब 10 मिनट का एक वीडियो है, जिसमें चौपहिया वाहन चलाने जैसा अहसास होता है।

मुख्यालय से आदेश मिलने के बाद ‘सेमुलेटर ड्राइव टेस्ट’ शुरू कर दिया जाएगा। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। जो लोग यातायात नियमों की जानकारी के बिना डीएल हासिल कर लेते हैं, वह अब ऐसा नहीं कर पाएंगे। इससे जहां सही व्यक्ति को ड्राइविंग लाइसेंस मिलेगा, वहीं यातायात व्यवस्थित होगा और दुर्घटनाएं कम होंगी।
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- सुधांशु गर्ग, आरटीओ, देहरादून संभाग
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