भोपाल जेल से भागे हुए आठ सिमी आतंकी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए।
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भोपाल के समीप ईंटखेड़ी गांव में मुठभेड़ में मारे गए सिमी के आठ आतंकियों के तार रुड़की बम विस्फोट से भी जुड़े हुए थे। सूत्रों के अनुसार मारे गए आठ आतंकियों के सात साथी वर्ष 2013 में मध्यप्रदेश के खंडवा जेल से फरार हो गए थे।
इसके बाद ही उन सातों ने बिजनौर और रुड़की धमाके की घटना को अंजाम दिया था। मामले की जांच एनआईए कर रही है। उधर मारे गए आतंकियों में से दो आतंकी बिजनौर के मोहल्ला जाटान से फरार होने के बाद कार लूट के इरादे से हरिद्वार, दून और मसूरी आए थे पर इन्हें यहां असफलता ही हाथ लगी थी।
एनआईए की जांच में आए ब्लास्ट में शामिल होने के सबूत
एनआईए कर रही ब्लास्ट की जांच
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रुड़की में छह दिसंबर 2014 को डीएवी कॉलेज के समीप धमाके में एक छात्र तुषार की मौत हो गई थी। सूत्रों के मुताबिक एनआईए की अभी तक की जांच में जो चीजें सामने आई हैं उसके आधार पर माना जा रहा है कि खंडवा जेल से फरार हुए सिमी के जो आठ आतंकी मुठभेड़ में ढेर हुए हैं उनके फरार साथियों ने ही बिजनौर और रुड़की में धमाकों की वारदात को अंजाम दिया था।
जांच में दोनों जगह विस्फोटक भी एक ही पाए गए थे। सितंबर 2014 में बिजनौर के मोहल्ला जाटान से इन आठ आतंकियों में से चार आतंकी उस वक्त फरार हुए थे जब बनाते समय बम फटा था और एक आतंकी घायल हो गया था।
घायल साथी को के ले जाने के लिए बनाया था प्लान
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घायल साथी को लेकर तीनों साथी बिजनौर की सीमा पर एक खेत में छिप गए थे। इनमें से दो आतंकी हरिद्वार आए थे। उनका इरादा था कि हरिद्वार से कार लूटकर वे अपने घायल साथी को लेकर मध्यप्रदेश की तरफ चले जाएं। लेकिन ऐसा हो नहीं सका था।
इसके बाद दोनों ने दून और मसूरी का भी रुख किया जहां से भी असफलता हाथ लगने पर ये लोग मुरादाबाद से ढाई लाख में एक इंडिगो कार खरीदकर घायल साथी के साथ फरार हो गए थे। वर्ष 2016 में ये सभी दक्षिण भारत के राउरकेला से गिरफ्तार हुए थे और तब से जेल में ही थे।