कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में ‘साइन लैंग्वेज’ की पहली पाठशाला आयोजित हुई। समर्थनम ट्रस्ट फार डिसेबिलिटीज की ओर से अंजली अग्रवाल ने पहले दिन सांकेतिक भाषा का बुनियादी व्याकरण सिखाया। इसके तहत कॉमन एटीकेट्स, लड़के-लड़की का साइन, उम्र पूछने का तरीका, वयस्क होने का संकेत, वोटर, मतदान, पता, नाम, मतदाता पहचानपत्र से जुड़े संकेतोें को बताया गया। कर्मचारियों के ई-मेल पर साइन लैंग्वेज से जुड़ी सामग्री भेजी जा रही है। वाट्सएप ग्रुप पर भी इस नई भाषा को सहज बनाने की कोशिश की जा रही है।
समाज कल्याण अधिकारी बनाए गए नोडल अफसर
सहायक निर्वाचन अधिकारी पीएस रावत ने बताया कि सभी समाज कल्याण अधिकारियों को नोडल अफसर बनाया गया है। दिव्यांगों की मतदाता सूची भी खंगाली जा रही है। इसके तहत 31 अक्तूबर तक नए मतदाताओं को जोड़ा जाएगा। कर्मचारी दिव्यांगों का फार्म-6 उनके घर पर जाकर भरेंगे। साथ ही निर्वाचन अधिकारी से लेकर बीएलओ के फोन नंबर प्रचारित-प्रसारित किए जा रहे हैं। जिससे घर बैठे दिव्यांग मतदाता सूची में जुड़ सकें।